दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्ष पर एक बड़ी राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया है।
नैरेटिव (Narrative): सबसे पहले भ्रम फैलाने और माहौल बनाने के लिए एक विशेष नैरेटिव तैयार किया गया।
लामबंदी (Mobilization): इसके बाद भीड़ को इकट्ठा और संगठित किया गया।
समन्वय (Coordination): सुनियोजित तरीके से सड़कों को जाम करने और दंगों के लिए आपसी तालमेल बनाया गया।
हिंसा भड़काना (Escalation/Violence): इसके बाद जानबूझकर हिंसा और दंगे फैलाए गए।
विक्टिमहुड (Victimhood): हिंसा करने के बाद खुद को पीड़ित (विक्टिम) दिखाने का खेल खेला गया।
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने दावा किया कि इन दंगों के पीछे एक “5-चरणों वाला राजनीतिक टूलकिट” काम कर रहा था, जिसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को खराब करना और देश को बदनाम करना था।
गृह मंत्री आशीष सूद के इस बयान की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
1. पाँच चरणों वाला ‘राजनीतिक टूलकिट’
आशीष सूद के अनुसार, 2020 के दंगों को सुनियोजित तरीके से अंजाम देने के लिए इस टूलकिट के तहत पाँच चरणों में काम किया गया:
2. अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा से संबंध
उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान जानबूझकर इन दंगों की टाइमिंग तय की गई थी। इसका मकसद वैश्विक मीडिया का ध्यान खींचकर दिल्ली को अस्थिर करना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को धूमिल करना था।
3. आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने इस गहरी साजिश को जानबूझकर नजरअंदाज किया। उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीशों, पत्रकारों और राजनेताओं पर भी निशाना साधा जो उनके अनुसार दंगा भड़काने के आरोपियों के बचाव में नैरेटिव की लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा और दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या का जिक्र करते हुए न्याय की बात दोहराई।










