मार्च 2017 में भाजपा सरकार से पहले 1,13,938 सरकारी प्राथमिक स्कूल अब 57,000 रह गए
मर्जर (विलय) के नाम पर गरीब, दलित और पिछड़ों के बच्चों से शिक्षा छीनी जा रही
राज्य के 7,000 स्कूलों में बिजली नहीं
23,000 स्कूलों में छात्राओं के लिए सक्रिय शौचालय नहीं
576 स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं
कानपुर: 2 अगस्त 2026
लखनऊ: 2 अगस्त 2026
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार, 2 अगस्त 2026 को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी सरकार पर उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों में 26,386 सरकारी प्राथमिक स्कूल बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है। विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले उन्होंने ‘PDA ऑडिट’ की चौथी रिपोर्ट जारी करते हुए सरकारी आंकड़ों के हवाले से शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार को घेरा।
अखिलेश यादव के इस बड़े हमले और उस पर सरकार के पलटवार की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
अखिलेश यादव के मुख्य आरोप और आंकड़े
मर्जर (विलय) के नाम पर गरीब, दलित और पिछड़ों के बच्चों से शिक्षा छीनी जा रही
राज्य के 7,000 स्कूलों में बिजली नहीं
23,000 स्कूलों में छात्राओं के लिए सक्रिय शौचालय नहीं
576 स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं
कानपुर: 2 अगस्त 2026
लखनऊ: 2 अगस्त 2026
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार, 2 अगस्त 2026 को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी सरकार पर उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों में 26,386 सरकारी प्राथमिक स्कूल बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है। विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले उन्होंने ‘PDA ऑडिट’ की चौथी रिपोर्ट जारी करते हुए सरकारी आंकड़ों के हवाले से शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार को घेरा।
अखिलेश यादव के इस बड़े हमले और उस पर सरकार के पलटवार की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
अखिलेश यादव के मुख्य आरोप और आंकड़े
स्कूलों का बंद होना: सपा प्रमुख का दावा है कि मार्च 2017 में भाजपा सरकार बनने से पहले राज्य में 1,13,938 सरकारी प्राथमिक स्कूल थे, जो अब घटकर केवल 57,000 रह गए हैं। उनके अनुसार मर्जर (विलय) के नाम पर गरीब, दलित और पिछड़ों के बच्चों से शिक्षा छीनी जा रही है।
जिलेवार आंकड़े: सबसे ज्यादा 758 स्कूल लखीमपुर खीरी में बंद हुए हैं। इसके अलावा सीतापुर में 650, प्रयागराज में 638 और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में लगभग 400 से 500 स्कूल बंद किए गए हैं।
बुनियादी सुविधाओं की कमी: उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के 7,000 स्कूलों में बिजली नहीं है, 23,000 स्कूलों में छात्राओं के लिए सक्रिय शौचालय नहीं हैं और 576 स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है।
शिक्षकों के पद खाली: कक्षा 1 से 8 तक के 1.40 लाख स्वीकृत पदों को कम किया गया है और वर्तमान में प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 81,821 पद खाली पड़े हैं। नामांकन में भी 28.32 लाख विद्यार्थियों की कमी आई है। योगी सरकार और मंत्रियों का पलटवार
अखिलेश यादव के इन आरोपों पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने तीखा पलटवार किया है:
अखिलेश यादव के इन आरोपों पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने तीखा पलटवार किया है:
बेसिक शिक्षा मंत्री का जवाब: बेसिक शिक्षा मंत्री ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि सरकार ने किसी भी स्कूल को बंद नहीं किया है। जिन स्कूलों में छात्रों का नामांकन बहुत कम था, उन्हें पास के बड़े स्कूलों में मर्ज (समायोजित) किया गया है और खाली पड़े भवनों का उपयोग प्री-प्राइमरी कक्षाओं और ‘बाल वाटिकाओं’ के लिए किया जा रहा है।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर का हमला: कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सपा शासनकाल में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी और खुलेआम नकल होती थी। उन्होंने चुनौती दी कि अखिलेश यादव कन्नौज के किसी भी सरकारी स्कूल का दौरा कर खुद वर्तमान और अपने समय की शिक्षा व्यवस्था का अंतर देख लें।










