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एसमा सभी सरकारी और सार्वजनिक सेवाओं पर अगले 6 महीनों के लिए लागू

आधिकारिक आदेश: प्रमुख सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक, एम. देवराज ने अधिसूचना जारी की
कानून पूरे उत्तर प्रदेश राज्य में प्रभावी रूप से लागू
प्रतिबंध राज्य के लोक कार्य, सरकारी निगमों और स्थानीय प्राधिकरणों के सभी कार्मिकों पर लागू
कानपुर: 8 जुलाई 2026
लखनऊ :8 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए राज्य में सभी सरकारी और सार्वजनिक सेवाओं पर अगले 6 महीनों के लिए हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
विस्तृत जानकारी मुख्य रूप से इस प्रकार है:
आधिकारिक आदेश: प्रमुख सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक, एम. देवराज ने इस आशय की आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।
कानूनी प्रावधान: यह निर्णय उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) 1966 की धारा 3 (उपधारा 1) के तहत लिया गया है,
उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम (ESMA), 1966 राज्य सरकार को जनहित में आवश्यक सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने और हड़तालों को प्रतिबंधित करने का कानूनी अधिकार देता है। इस कानून को मुख्य रूप से तब लागू किया जाता है जब सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आम जनता का जीवन और आवश्यक आपूर्ति (जैसे बिजली, पानी, स्वास्थ्य, परिवहन) बाधित होने का खतरा होता है। अधिनियम की प्रमुख बातेंअधिनियम का नाम: उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966 (U.P. Act No. 30 of 1966)।
विस्तार: यह कानून पूरे उत्तर प्रदेश राज्य में प्रभावी रूप से लागू होता है।
लागू करने की अवधि: इस कानून के तहत जारी की गई अधिसूचना एक बार में अधिकतम 6 महीने (180 दिन) के लिए लागू की जा सकती है।
मुख्य कानूनी प्रावधान और धाराएंधारा 3(1) (हड़ताल पर प्रतिबंध): राज्य सरकार इस धारा के तहत शक्तियों का उपयोग करके किसी भी आवश्यक सेवा में हड़ताल को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर सकती है।
धारा 4 (अवैध हड़ताल में भाग लेने पर दंड): यदि कोई कर्मचारी प्रतिबंध के बावजूद हड़ताल पर जाता है, तो उसे हिरासत में लिया जा सकता है और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
धारा 5 (उकसाने पर दंड): जो कोई भी व्यक्ति दूसरों को हड़ताल में भाग लेने के लिए उकसाता है या भड़काता है, उसे 1 वर्ष तक की कैद, ₹1,000 जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
धारा 7 (बिना वारंट गिरफ्तारी): इसके तहत पुलिस को यह विशेष अधिकार है कि वह कानून का उल्लंघन करने वाले या हड़ताल पर जाने वाले किसी भी संदिग्ध कर्मचारी को बिना किसी वारंट के गिरफ्तार कर सकती है।
दायरे में आने वाली प्रमुख सेवाएं
यह कानून राज्य सरकार के नियंत्रण वाले निम्नलिखित क्षेत्रों और प्राधिकरणों पर लागू होता है:स्वास्थ्य सेवाएं (सरकारी डॉक्टर, नर्स और अस्पताल कर्मी)
बिजली और पानी की आपूर्ति
सार्वजनिक परिवहन सेवाएं (रोडवेज आदि)
राज्य सरकार के समस्त विभाग और सचिवालय
सरकारी निगम और स्थानीय निकाय (नगर निगम, विकास प्राधिकरण आदि)
इन पर लागू होगा: यह प्रतिबंध राज्य के किसी भी लोक कार्य, सरकारी स्वामित्व वाले निगमों और स्थानीय प्राधिकरणों के अधीन आने वाले सभी कर्मचारियों और कार्मिकों पर लागू होगा ईटीवी भारत।
उद्देश्य: आवश्यक सेवाओं और आम जनता के कार्यों को निर्बाध रूप से संचालित रखना

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