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कानपुर अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट: दो नए आरोपी गिरफ्तार: गीतानगर क्रॉसिंग के पास से अखिलेश तिवारी और सैफुद्दीन

सिंडिकेट के तार दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, मेरठ के साथ-साथ नेपाल से भी जुड़े होने की आशंका
आरोपी ओटी (ऑपरेशन थिएटर) सुविधा व किडनी के रखरखाव के लिए प्रति केस 50-50 हजार रुपये लेते थे।
महज 5 से 7 लाख रुपये देकर किडनी 60 से 70 लाख रुपये में बेच देते थे
आर्थिक फ्रॉड और मनी ट्रेल को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी केस दर्ज कर जांच शुरू की कानपुरजुलाई 22, 2026
उत्तर प्रदेश के कानपुर में सामने आए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट मामले में पुलिस लगातार बड़ी कार्रवाई कर रही है। रावतपुर थाना क्षेत्र के निजी अस्पतालों से जुड़े इस गिरोह के पर्दाफाश के बाद जांच का दायरा तेजी से बढ़ रहा है।
इस संवेदनशील मामले से जुड़े मुख्य अपडेट और मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
मुख्य गिरफ्तारियां और कार्रवाईदो नए आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने हाल ही में गीतानगर क्रॉसिंग के पास से अखिलेश तिवारी और सैफुद्दीन नाम के दो और आरोपियों को दबोचा है।
ओटी का इंतजाम: ये दोनों आरोपी मुख्य सरगना ‘रोहित’ के संपर्क में थे और अवैध ऑपरेशन के दौरान ओटी (ऑपरेशन थिएटर) सुविधा व किडनी के रखरखाव के लिए प्रति केस 50-50 हजार रुपये लेते थे।
13 आरोपी जेल भेजे गए: इस रैकेट के भंडाफोड़ के बाद से अब तक कुल 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। [1]
अस्पताल सील: रैकेट में संलिप्तता पाए जाने पर आहूजा हॉस्पिटल, प्रिया और मेड लाइफ जैसे निजी अस्पतालों पर कड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें सील किया जा चुका है
पुलिस जांच के प्रमुख बिंदुअस्पतालों की मिलीभगत: पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि किन-किन नामी डॉक्टरों और निजी अस्पतालों ने फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने में दलालों की मदद की।
फर्जी डॉक्टरों का नेटवर्क: जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह में शामिल मोहम्मद अफजाल, डॉ. रोहित और डॉ. मुदस्सर अली जैसे लोग बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री (सिर्फ 12वीं पास या झोलाछाप) के ही गंभीर ऑपरेशन कर रहे थे।
करोड़ों का लेन-देन और ईडी की एंट्री: गिरोह में शामिल दलाल गरीब लोगों, खासकर जरूरतमंद छात्रों को महज 5 से 7 लाख रुपये का लालच देकर उनकी किडनी निकालते थे और अमीर मरीजों को 60 से 70 लाख रुपये में बेच देते थे। इस बड़े आर्थिक फ्रॉड और मनी ट्रेल को देखते हुए मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तार: पुलिस जांच के अनुसार, इस सिंडिकेट के तार दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, मेरठ के साथ-साथ नेपाल से भी जुड़े होने की आशंका है।

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