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कानपुर के विभिन्न इलाकों में कई निजी अस्पतालों में इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन के कारण महिलाओं की मौत

कल्याणपुर में ऑपरेशन के दौरान मौत
पोस्टमार्टम और जांच कमेटी
भाजपा पूर्व जिला मंत्री की मौत: परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगा  नर्स/कंपाउंडर द्वारा इलाज का आरोप
कानपुर: 6 जुलाई 2026
कानपुर (कल्याणपुर और अन्य क्षेत्रों) समेत उत्तर प्रदेश के कई निजी अस्पतालों में इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन देने के कारण महिलाओं की मौत की घटनाएं सामने आई हैं। इन मामलों में परिजनों द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं और अस्पतालों में भारी विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
कानपुर के विभिन्न इलाकों में घटित कुछ प्रमुख मामले निम्नलिखित हैं:
कल्याणपुर में ऑपरेशन के दौरान मौत: कल्याणपुर क्षेत्र में 21 वर्षीय प्रियंका को हाथ फ्रैक्चर होने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि वह खुद चलकर ऑपरेशन थिएटर गई थी, लेकिन एक घंटे बाद डॉक्टरों ने मरीज की हालत गंभीर बताकर उसे दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा और इलाज से पहले ही उसकी मौत हो गई।
मर्सी हॉस्पिटल का मामला: कल्याणपुर क्षेत्र के मर्सी हॉस्पिटल में एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत इलाज का आरोप लगाया। तनाव बढ़ने पर अस्पताल प्रबंधन अस्पताल में ताला लगाकर मौके से फरार हो गया।
बीजेपी नेत्री का निधन: कल्याणपुर में ही एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिला मंत्री की भी मौत हो गई। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने और नर्स/कंपाउंडर द्वारा इलाज करने का आरोप लगाया।
परिजनों की मांग और पुलिस कार्रवाई
सख्त कार्रवाई और जांच: परिजनों द्वारा लगातार अस्पताल प्रशासन के खिलाफ लापरवाही की एफआईआर (FIR) दर्ज करने और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की जाती है।
पोस्टमार्टम और जांच कमेटी: पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजती है और रिपोर्ट व परिजनों की तहरीर के आधार पर जांच की जाती है। कुछ मामलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जांच कमेटियां भी गठित की जाती हैं।
परिवार को है कि उनके मरीज की मौत चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई है, तो वे निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
पुलिस में शिकायत: तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में लिखित तहरीर देकर अस्पताल और डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज करवाएं।
मेडिकल काउंसिल: राज्य चिकित्सा परिषद (State Medical Council) में डॉक्टरों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराएं।
उपभोक्ता फोरम (Consumer Court): मुआवजे (compensation) के लिए कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।

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