अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों और स्थानीय टैक्स संरचना पर निर्भर
कानपुर घरेलू एलपीजी सिलेंडर 14.2 किलो की कीमत ₹957
दिल्ली 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर ₹942 में उपलब्ध
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की बढ़ती कीमतों के कारण बढ़ी
भारत की LPG आवश्यकता का लगभग 60% हिस्सा आयात के द्वारा
कानपुर: 1 जुलाई 2026
नई दिल्ली: 1 जुलाई 2026
घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। विभिन्न शहरों के लिए अलग-अलग कीमतें हैं, प्रमुख रूप से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों और स्थानीय टैक्स संरचना पर निर्भर करती हैं।
कानपुर में आज (30 जून 2026) घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमत ₹957 और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलो) की कीमत ₹3,133.50 है। यह दरें पिछले महीने की तुलना में क्रमशः ₹29 और ₹42 बढ़ी हैं।
घरेलू LPG सिलेंडर (कानपुर)
14.2 किलो घरेलू सिलेंडर: ₹957
5 किलो घरेलू सिलेंडर: ₹354.50
मासिक खर्च (1 सिलेंडर/माह): लगभग ₹957
वार्षिक खर्च (12 सिलेंडर): लगभग ₹11,644
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें:दिल्ली: 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर ₹942 में उपलब्ध है, जो पिछले मूल्य से थोड़ी बढ़ोतरी दर्शाता है।अच्छे मौसम और विभिन्न सरकारी सब्सिडी के कारण, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को विशेष रूप से प्रति सिलेंडर ₹642 का भुगतान करना पड़ता है।कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें:दिल्ली: 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर अब ₹3,113.50 में उपलब्ध है। हाल ही में इसमें ₹993 की बढ़ोतरी की गई है।मुंबई की कीमत थोड़ी कम है, जहां यह ₹3,067.50 है।वृद्धि का कारण:
एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में यह वृद्धि मुख्यतः अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की बढ़ती कीमतों के कारण हुई है। भारत की LPG आवश्यकता का लगभग 60% हिस्सा आयात के द्वारा पूरा किया जाता है। इसीलिए, वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
यह ध्यान देने योग्य है कि सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने का प्रयास किया है, ताकि उनकी वित्तीय समस्या कम हो सके।
घरेलू सिलेंडरों की कीमत ₹942 और कमर्शियल सिलेंडरों की कीमत ₹3,113.50 है। यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के बढ़ने के कारण हुई है, और इन कीमतों में बदलाव संभावित रूप से भविष्य में भी जारी रह सकता है।
घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। विभिन्न शहरों के लिए अलग-अलग कीमतें हैं, जो प्रमुख रूप से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों और स्थानीय टैक्स संरचना पर निर्भर करती हैं।










