संपूर्ण मेहनत और अध्ययन पद्धति का भी परिणाम
कोटा का माहौल उन्हें प्रतिस्पर्धात्मकता और सहयोग का सही मिश्रण
अच्छी नींद और शांत मन से परीक्षा देना भी महत्वपूर्ण
कोटा: 7 जून 2026
कानपुर: 7 जून 2026
आरोही देशपांडे, जिन्होंने JEE एडवांस्ड 2026 में टॉप किया, ने टॉपर वाली सोच से परहेज करने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि वह अपने प्रदर्शन को व्यक्तिगत प्रयास और मेहनत के नजरिए से देखती हैं। उन्होंने यह समझा कि टॉपर होना केवल अंक प्राप्त करने का परिणाम नहीं होता, बल्कि यह उनकी संपूर्ण मेहनत और अध्ययन पद्धति का भी परिणाम है।
आरोही ने कोटा में चार साल की तैयारी के दौरान कठिनाइयों का सामना किया। उन्हें बीमारी के बावजूद भी पढ़ाई जारी रखने का संकल्प था। उनके माता-पिता ने उन्हें यही सिखाया कि कठिनाइयों से हार नहीं माननी चाहिए। इस मानसिकता ने उन्हें अन्य छात्रों के मुकाबले एक सकारात्मक और मजबूत दृष्टिकोण अपनाने में सहायता की। उनके अनुसार, एक टॉपर की पहचान केवल रैंक से नहीं होती, बल्कि सही दिशा में निरंतर प्रयास करने से ही सफलता मिलती है.
आरोही ने बताया कि कोटा का माहौल उन्हें प्रतिस्पर्धात्मकता और सहयोग का सही मिश्रण प्रदान करता था, जहाँ सभी छात्र एक-दूसरे को प्रेरित करते थे।इसके अलावा, उन्होंने अपनी अध्ययन नीति में कलर कोडिंग तकनीक और सही समय प्रबंधन का भी उपयोग किया। उनके अनुसार, अच्छी नींद और शांत मन से परीक्षा देना भी महत्वपूर्ण होता है। आरोही देशपांडे की सफलता का मूल मंत्र उन्हें टॉपर की सोच से दूर रखते हुए उनकी मेहनत, सही दिशा में प्रयास और सकारात्मक मानसिकता थी।
Home
»
इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा
»
टॉपर होना अंक प्राप्त करने का परिणाम नहीं : आरोही देशपांडे टॉपर JEE एडवांस्ड 2026
टॉपर होना अंक प्राप्त करने का परिणाम नहीं : आरोही देशपांडे टॉपर JEE एडवांस्ड 2026
Share This
इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments









