Home » उच्च न्यायलय » पवन खेड़ा की एंटीसिपेटरी बेल याचिका पर फैसला सुरक्षित : गौहाटी हाई कोर्ट

पवन खेड़ा की एंटीसिपेटरी बेल याचिका पर फैसला सुरक्षित : गौहाटी हाई कोर्ट

गौहाटी हाई कोर्ट ने मंगलवार को हिमंता सरमा की असम सरकार की खिंचाई
याचिका सरमा की पत्नी ने कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्ति से जुड़े आरोपों के तहत
सीएम हिमंता कथित बयान राजनीतिक बदले की भावना से: अभिषेकमनु सिंघवी सीनियर वकील
याचिकाकर्ता के भागने का खतरा नहींऔर उसे गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं
“आरोपों का तरीका, अंदाज़ और पैकेजिंग साफ तौर पर दिखाते हैं कि वे जानबूझकर गलत इरादे से
कानपुर:22 अप्रैल 2026
गौहाटी :22अप्रैल 2026
गौहाटी हाई कोर्ट में पवन खेड़ा की एंटीसिपेटरी बेल याचिका पर हुई सुनवाई कई मायनों में अहम रही। कोर्ट ने असम सरकार की ओर से जवाब दाखिल न करने पर नाराज़गी जताई और कहा कि राज्य को कम से कम अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी।
सिंघवी ने कहा, “जब मुख्यमंत्री ही याचिकाकर्ता पर दबाव बना रहे हैं, तो वह किस आधार पर सही बर्ताव की उम्मीद कर सकता है?” उन्होंने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता के भागने का खतरा नहीं है और उसे गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं है। सीनियर वकील केएन चौधरी ने सिंघवी की बातों को दोहराया और खेरा के खिलाफ आरोपों को स्कैंडलस बताया। उन्होंने कोर्ट में कहा, “आरोपों का तरीका, अंदाज़ और पैकेजिंग साफ तौर पर दिखाते हैं कि वे जानबूझकर गलत इरादे से लगाए गए थे।”
खेड़ा की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के कथित बयान से राजनीतिक बदले की भावना झलकती है, खासकर चुनावी माहौल में। उन्होंने यह भी कहा कि खेड़ा के भागने का कोई खतरा नहीं है और गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं है। वरिष्ठ वकील केएन चौधरी ने आरोपों को “स्कैंडलस” बताते हुए कहा कि उनका अंदाज़ और पैकेजिंग साफ तौर पर गलत इरादे से किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की गैर-हाज़िरी और जवाब न देने पर नाराज़गी जताई।
याचिकाकर्ता की ओर से राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाया गया।
बचाव पक्ष ने कहा कि गिरफ्तारी की ज़रूरत नहीं है और आरोप जानबूझकर लगाए गए हैं।
कोर्ट ने फिलहाल फैसला सुरक्षित रखा है। मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा द्वारा दायर एक शिकायत पर आधारित था, जिन्होंने कांग्रेस नेता पर झूठा दावा करने का आरोप लगाया था कि उनके पास कई पासपोर्ट और अघोषित विदेशी संपत्ति है।
मामला सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक संदर्भों में भी चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नज़रें कोर्ट के अंतिम आदेश पर हैं।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा द्वारा कई पासपोर्ट रखने के आरोपों पर दायर प्राथमिकी के संबंध में अग्रिम जमानत के लिए असम में सक्षम अदालत में तुरंत जाने की अनुमति दी थी।

Share This

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Recent Post