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प्रवर्तन निदेशालय ने ₹2,000 करोड़ के बहु-राज्यीय चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 182 बैंक खातों को फ्रीज और 6 लग्जरी गाड़ियां जब्त

मुख्य आरोपी: आंध्र प्रदेश के पूर्व विधायक मल्ला विजया प्रसाद और वराह रामकृष्ण सत्य श्रीनिवास राव अल्ला। निवेशकों से मिली जमा राशि को छिपाने के लिए फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में भारी हेरफेर
कई राज्यों की शाखाओं को बंद कर भाग गए
कानपुर: 11 अगस्त 2026
ओडिशा:11 अगस्त 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ₹2,000 करोड़ के बहु-राज्यीय चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 182 बैंक खातों को फ्रीज और 6 लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
इस छापेमारी और मामले से जुड़े मुख्य विवरण निम्नलिखित हैं:
कंपनी का नाम: वेलफेयर बिल्डिंग्स एंड एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड (WBEPL)।
मुख्य आरोपी: आंध्र प्रदेश के पूर्व विधायक मल्ला विजया प्रसाद और वराह रामकृष्ण सत्य श्रीनिवास राव अल्ला। छापेमारी की जगह: ईडी के भुवनेश्वर क्षेत्रीय कार्यालय ने 5 अगस्त को विशाखापत्तनम और हैदराबाद में 5 ठिकानों पर तलाशी ली।
नकद और संपत्ति की जब्ती: छापेमारी के दौरान ₹1.01 करोड़ नकद, डिजिटल उपकरण और कई अचल संपत्तियों के आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।
जांच का आधार: ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW), CBI और झारखंड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज की गई कई FIR।
धोखाधड़ी का तरीका (Modus Operandi)झूठा वादा: कंपनी ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और आंध्र प्रदेश जैसे कई राज्यों के हजारों सीधे-सादे निवेशकों को विशाखापत्तनम में जमीन देने का झांसा दिया था। फंड का डायवर्जन: अवैध रूप से जुटाए गए ₹2,000 करोड़ से अधिक के इस फंड को निदेशकों ने अपने व्यक्तिगत लाभ और अन्य कामों में लगा दिया।
हेरफेर: निवेशकों से मिली जमा राशि को छिपाने के लिए फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में भारी हेरफेर की गई और बाद में कई राज्यों की शाखाओं को बंद कर भाग गए

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