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मणिपुर: तामेंगलोंग जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक 17 वर्षीय नागा किशोर की गोली मारकर हत्या: राज्य में जातीय तनाव और गया गहरा

करीब 20 राउंड फायरिंग की आवाज नागा विलेज वॉलेंटियर्स ने विफेनबो का खून से लथपथ शव किया बरामद
फरवरी से अब तक 40 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, कई अपहरण और दर्जनों घर गए जलाए
हिंसा के चलते कई इलाकों में स्कूल और बाजार बंद हैं और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं।
कानपुर: 21 सितम्बर 2026
मणिपुर: तामेंगलोंग:: 21 सितम्बर 2026
मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में रविवार तड़के संदिग्ध उग्रवादियों ने एक गांव में अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। हमले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति और बेटा घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, घटना सुबह करीब चार बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-37 के पास स्थित टॉलेन कुकी गांव में हुई। यह राजमार्ग इंफाल को जिरीबाम से जोड़ता है। संदिग्ध उग्रवादियों ने गांव को निशाना बनाते हुए अचानक गोलीबारी शुरू कर दी।मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक 17 वर्षीय नागा किशोर की गोली मारकर हत्या कर दी है, जिसके बाद राज्य में जातीय तनाव और गहरा गया है। पुलिस के अनुसार, इस साल फरवरी से शुरू हुए नागा-कुकी संघर्ष में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
इस दुखद घटना और मणिपुर के मौजूदा हालातों की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
घटना का विवरण
पीड़ित की पहचान: मृतक किशोर की पहचान एनके विफेनबो के रूप में हुई है, जो तकौ गांव का रहने वाला था।
हमला कब और कैसे हुआ: यह घटना 21 सितंबर 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे हुई। विफेनबो अपने परिवार के लिए जरूरी सामान खरीदने ऊपरी नकोउ (Upper Nkou) गांव से तामेई (Tamei) कस्बे की ओर पैदल अकेला जा रहा था, तभी संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने घात लगाकर उस पर हमला कर दिया।
शव की बरामदगी: स्थानीय ग्रामीणों ने इलाके में करीब 20 राउंड फायरिंग की आवाज सुनी। इसके बाद जब नागा विलेज वॉलेंटियर्स मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने सड़क किनारे विफेनबो का खून से लथपथ शव बरामद किया।
नागा-कुकी संघर्ष की पृष्ठभूमि
मणिपुर में मई 2023 से मुख्य रूप से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा चल रही थी। लेकिन इस साल फरवरी 2026 में उखरुल के लिटन गांव से नागा और कुकी समुदायों के बीच एक नया विवाद भड़क उठा। तब से राज्य के पहाड़ी इलाकों में एक तीसरी दरार पैदा हो गई है।
प्रभावित जिले: नागा-कुकी झड़पों का सबसे ज्यादा असर कांगपोकपी, तामेंगलोंग, नोनी, उखरुल और कमजोंग जैसे पहाड़ी जिलों में देखा जा रहा है।
नुकसान: फरवरी से अब तक 40 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, कई लोगों का अपहरण हुआ है और दर्जनों घर जलाए गए हैं। हिंसा के चलते कई इलाकों में स्कूल और बाजार बंद हैं और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं।
तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस जघन्य हत्याकांड की राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कड़ी निंदा की जा रही है:
पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा, “मणिपुर हिंसा के इस अंतहीन चक्र में मासूमों की जान गंवाना जारी नहीं रख सकता।” उन्होंने अधिकारियों से दोषियों को तुरंत न्याय के कटघरे में लाने की मांग की है।
नागा पीपल्स फ्रंट (NPF) के विधायक अवांगबो न्यूमई ने इसे कायरतापूर्ण और आतंकवाद का घिनौना कृत्य बताया, जो निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाकर शांति को खतरे में डाल रहा है।

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