एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने सबूतों के अभाव में सह-आरोपी को बाइज्जत बरी कर दिया।
विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई पहलवानों ने जंतर-मंतर पर लंबा आंदोलन किया था।
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा 354, 354ए और 506 के तहत चार्जशीट की थी
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा 354, 354ए और 506 के तहत चार्जशीट की थी
कानपुर: 3 अगस्त 2026
नई दिल्ली: 3 अगस्त 2026
महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ पहलवानों ने हाईकोर्ट में अपील करने का निर्णय लिया है।
कोर्ट का फैसला
फैसले का विवरण: 3 अगस्त 2026 को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने सबूतों के अभाव में बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को बाइज्जत बरी कर दिया।
बृजभूषण का बयान: बरी होने के बाद उन्होंने कहा, “अदालत ने मुझे बाइज्जत बरी किया है। मैंने पहले दिन ही कहा था कि अगर आरोप साबित हो जाएं तो फांसी पर लटक जाऊंगा”।
पहलवानों का रुख
बृजभूषण का बयान: बरी होने के बाद उन्होंने कहा, “अदालत ने मुझे बाइज्जत बरी किया है। मैंने पहले दिन ही कहा था कि अगर आरोप साबित हो जाएं तो फांसी पर लटक जाऊंगा”।
पहलवानों का रुख
हाईकोर्ट जाने का फैसला: पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे और इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
रणनीति: बजरंग पूनिया ने बताया कि पहलवान जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगे की कानूनी रणनीति को देश के सामने रखेंगे।
मामले की पृष्ठ
रणनीति: बजरंग पूनिया ने बताया कि पहलवान जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगे की कानूनी रणनीति को देश के सामने रखेंगे।
मामले की पृष्ठ
भूमिविरोध प्रदर्शन: साल 2023 में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई शीर्ष पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ जंतर-मंतर पर लंबा आंदोलन किया था।
आरोप: छह महिला पहलवानों ने उन पर यौन उत्पीड़न, पीछा करने और डराने-धमकाने के आरोप लगाए थे।
चार्जशीट: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और आईपीसी की धारा 354, 354ए और 506 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी。
आरोप: छह महिला पहलवानों ने उन पर यौन उत्पीड़न, पीछा करने और डराने-धमकाने के आरोप लगाए थे।
चार्जशीट: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और आईपीसी की धारा 354, 354ए और 506 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी。









