Home » राम मंदिर » श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावे/दान गबन का मामला : संवेदनशील और राजनीतिक रूप से चर्चित

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावे/दान गबन का मामला : संवेदनशील और राजनीतिक रूप से चर्चित

विजय विश्वास पंत IAS, किरण एस IPS और नील रतन के नेतृत्व मे तीन सदस्यीय SIT गठित
आरोपियों की 14 दिन की न्यायिक हिरासत
सुप्रीम कोर्ट ने भी 13 जुलाई को UP सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी और ट्रस्ट को नोटिस जारी किया
CCTV फुटेज में 70+ बार चोरी के संदिग्ध मामले दर्ज हुए।
कानपुर: 14जुलाई 2026
लखनऊ: 14जुलाई 2026
SIT जांच: उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून 2026 को तीन सदस्यीय SIT गठित की (विजय विश्वास पंत IAS, किरण एस IPS और नील रतन)। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज हुई। आरोपियों से लगभग ₹80 लाख (79.85 लाख+) नकद, कुछ विदेशी मुद्रा और अन्य सामग्री बरामद हुई। CCTV फुटेज में 70+ बार चोरी के संदिग्ध मामले दर्ज हुए।
आरोपी: 8 मुख्य आरोपी गिरफ्तार — अनुकल्प मिश्रा (मास्टरमाइंड माना जा रहा), लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, मनीष कुमार यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव (चंपत राय के पूर्व ड्राइवर)। ये ज्यादातर चढ़ावा गिनने/सुरक्षा से जुड़े थे।न्यायिक हिरासत:राजनीतिक पहलू:BJP/योगी सरकार: मामले को गंभीरता से लिया, SIT गठित की, ट्रस्ट के कुछ अधिकारियों (जैसे चंपत राय, अनिल मिश्रा) ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया। जांच को पारदर्शी बताते हुए आगे बढ़ा रहे हैं।विपक्ष (सपा, AAP आदि): इसे बड़े घोटाले के रूप में उठा रहा है, CBI जांच की मांग, ट्रस्ट की जवाबदेही पर सवाल। सुप्रीम कोर्ट ने भी 13 जुलाई को UP सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी और ट्रस्ट को नोटिस जारी किया (CBI जांच की याचिकाओं पर)।SIT अब ट्रस्ट के पिछले 5 सालों के अकाउंट्स, जमीन खरीद, सामग्री प्रोक्योरमेंट आदि की भी जांच कर रही है। सुरक्षा लापरवाही (CCTV, कुंजी, स्टाफ फ्रिस्किंग) सामने आई।यह मामला राम भक्तों के विश्वास और मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। जांच पूरी होने पर और डिटेल्स आएंगी।
आरोपियों की 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई। पहले जून के अंत में 13-14 जुलाई तक बढ़ी थी। 27 जुलाई को अगली पेशी है — जांच जारी है, SIT को एक्सटेंशन मिला था और रिपोर्ट प्रक्रिया चल रही है।
ट्रस्ट की प्रतिक्रिया और प्रशासनिक फेरबदल
ट्रस्ट का बयान: ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने कुछ प्रक्रियात्मक खामियां (lapses) स्वीकार की हैं, लेकिन ₹14 करोड़ के गबन वाली अफवाहों को खारिज करते हुए नुकसान का अनुमान लगभग ₹3 करोड़ बताया है。
इस्तीफे: दानपात्रों की सुरक्षा में चूक और गबन के आरोपों के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया。
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
यह मामला राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा विषय बन गया है。
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों ने करोड़ों भक्तों की आस्था का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच और ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की है

Share This

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Recent Post