Home » सर्वोच्च न्यायलय » सुप्रीम कोर्ट: महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों पर केंद्र, राज्य सरकारों और हाई कोर्ट्स को कड़े जारी निर्देश

सुप्रीम कोर्ट: महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों पर केंद्र, राज्य सरकारों और हाई कोर्ट्स को कड़े जारी निर्देश

2026 की ICU गाइडलाइंस लागू करने का निर्देश
आपराधिक मामलों और न्यायिक ढांचे पर इलाहाबाद हाई कोर्ट से मांगा डेटा
पटना हाई कोर्ट की टिप्पणी पर स्वतः संज्ञान
NIA अदालतों की जल्द स्थापना का आदेश
बिना टिकट रेल यात्रियों के मुआवजे पर अहम फैसला
कानपुर:26 सितम्बर 2026
नई दिल्ली: 26 सितम्बर 2026
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कई बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों पर सुनवाई करते हुए केंद्र, विभिन्न राज्य सरकारों और हाई कोर्ट्स को कड़े निर्देश जारी किए हैं। सितंबर 2026 में न्यायालय द्वारा जारी किए गए कुछ सबसे प्रमुख निर्देश और फैसले इस प्रकार हैं:
1. 2026 की ICU गाइडलाइंस लागू करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इंटेंसिव केयर सर्विसेज (ICU) के संगठन और वितरण के लिए तय की गई ‘2026 गाइडलाइंस’ को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। [1, 2]समय-सीमा: विशिष्ट ICU इंफ्रास्ट्रक्चर आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अधिकतम 9 महीने और क्रिटिकल-केयर कर्मियों की भर्ती के लिए 6 महीने का समय दिया गया है।
सभी पक्षों को 5 नवंबर, 2026 तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। इस मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर, 2026 को होगी।
2. आपराधिक मामलों और न्यायिक ढांचे पर इलाहाबाद हाई कोर्ट से मांगा डेटा
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश की न्याय प्रणाली में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की है। न्यायालय ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को राज्य में लंबित आपराधिक मामलों, विचाराधीन कैदियों (Undertrials) की स्थिति, जमानत याचिकाओं की लंबितता और न्यायिक ढांचे में खाली पड़े पदों से जुड़ा एक व्यापक डेटा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
3. पटना हाई कोर्ट की टिप्पणी पर स्वतः संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट के एक फैसले पर सख्त रुख अपनाते हुए 23 सितंबर 2026 को स्वतः संज्ञान लिया। हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में महिला की सलवार उतारने की कोशिश और छाती दबाने की घटना को ‘रेप का प्रयास’ मानने से इनकार कर दिया था। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने हाई कोर्ट की इन टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है और मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
4. नेताओं के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमों पर त्वरित सुनवाई
न्यायालय ने देश के सांसदों और विधायकों (MPs/MLAs) के खिलाफ लंबित 5,000 से अधिक आपराधिक मामलों की त्वरित सुनवाई की मॉनिटरिंग तेज कर दी है। कोर्ट को सूचित किया गया कि देश के 28 राज्यों में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों पर गंभीर प्रकृति के मामले दर्ज हैं। इसके बाद कोर्ट ने हाई कोर्ट्स को निर्देश दिए हैं कि वे विशेष अदालतों के माध्यम से इन मामलों को प्राथमिकता दें और बहुत ही असाधारण परिस्थितियों के बिना सुनवाई न टालें।
5. NIA अदालतों की जल्द स्थापना का आदेश
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मामलों में हो रही देरी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने उन सभी राज्यों को जल्द से जल्द विशेष NIA अदालतों की स्थापना करने का निर्देश जारी किया है जहां ये अभी तक कार्यात्मक नहीं हैं।
6. बिना टिकट रेल यात्रियों के मुआवजे पर अहम फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित परिवारों के हक में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि किसी मृत यात्री के पास से ट्रेन का टिकट नहीं मिलता है, तो केवल इस एक आधार पर मुआवजे का दावा खारिज नहीं किया जा सकता। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उस व्यक्ति को वास्तविक यात्री माना जाना चाहिए।

Share This

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Recent Post