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सुप्रीम कोर्ट: 15 सितंबर 2026 को भवन उपनियम उल्लंघन और अवैध निर्माण मामलों में सुनवाई व देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा सौंपे जाने वाली एक्शन टेकन रिपोर्ट की समीक्षा करेगा‌।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जा रही देशव्यापी निगरानी का हिस्सा
अवैध निर्माण और आवासीय क्षेत्रों के दुरुपयोग रोकने के लिए अखिल भारतीय दिशानिर्देश  पर विचार
सख्त कार्रवाई और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत रिपोर्ट 15 सितंबर तक पेश करें‌।
कानपुर:15 सितम्बर 2026
नई दिल्ली: 15 सितम्बर 2026
भवन उपनियम उल्लंघन और अवैध निर्माण मामलों पर आज यानी 15 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई निर्धारित है‌। न्यायालय इस मामले में देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा सौंपे जाने वाली एक्शन टेकन रिपोर्ट की समीक्षा करेगा‌।
दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला अवैध पीजी (PG) इमारत ढहने की दुखद घटना और देश के अन्य हिस्सों में हुए हादसों के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जा रही देशव्यापी निगरानी का हिस्सा है‌।
इस सुनवाई से जुड़े मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:राज्यों को कड़े निर्देश: पिछली सुनवाइयों में कोर्ट ने 15 से ज्यादा राज्यों की रिपोर्ट देखने के बाद सभी राज्यों को निर्देश दिया था कि वे अवैध निर्माणों पर की गई सख्त कार्रवाई और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत रिपोर्ट 15 सितंबर तक पेश करें‌।
अखिल भारतीय दिशानिर्देश: न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अवैध निर्माण और आवासीय क्षेत्रों के व्यावसायिक दुरुपयोग को रोकने के लिए अखिल भारतीय दिशानिर्देश जारी करने पर विचार कर रही है‌।
पीजी और छात्र आवासों का ऑडिट: कोर्ट नियुक्त एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) अजीत सिन्हा ने मांग की है कि कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के आसपास चलने वाले पीजी (Paying Guest) हॉस्टलों और निजी हॉस्टलों का समयबद्ध सुरक्षा ऑडिट (Safety Audit) कराया जाए‌।
अधिकारियों पर सख्त रुख: कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि नियमों का उल्लंघन कर मंजूर नक्शे से ज्यादा निर्माण करना व्यवस्था के साथ धोखा है‌। इसमें लापरवाही बरतने या बिल्डरों के साथ मिलीभगत करने वाले नगर निकाय अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट अवमानना (Contempt) की कार्रवाई की चेतावनी भी दे चुका है‌
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