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सोनम वांगचुक ने बातचीत के बाद 23 दिन की भूख हड़ताल खत्म नहीं :अनशन जारी रखने का ऐलान

प्रदर्शन को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी
CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने बैठक के बाद नड्डा को लिखित ज्ञापन :
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें हटाने सहित अपनी मुख्य मांगों को दोहराया गया
कानपुर: जुलाई 20, 2026
नई दिल्ली: जुलाई 20, 2026
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को अपने आवास पर कॉकरोच जनता पार्टी के दो प्रवक्ताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका, से मुलाकात की. यह मुलाकात नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले और दिल्ली में चल रहे ‘चलो संसद’ मार्च व विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई.सोनम वांगचुक ने बातचीत के बाद 23 दिन की भूख हड़ताल खत्म नहीं की है, बल्कि उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी युवाओं पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। सोमवार (20 जुलाई 2026) को उनकी भूख हड़ताल का 23वां दिन है।
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने पहले कुछ शर्तों के साथ अनशन खत्म करने की पेशकश की थी, लेकिन दिल्ली में ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और कथित बर्बरता को देखते हुए उन्होंने अपना फैसला बदल दिया।
अब उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए सरकार और पुलिस के सामने नई मांगें रखी हैं: सांसदों से मुलाकात की शर्त: वह अपना उपवास तभी तोड़ेंगे जब आंदोलनकारी युवा नेताओं को संसद भवन (संसद भवन) में सांसदों से मिलने की अनुमति दी जाएगी।
वैकल्पिक शर्त: यदि युवाओं को संसद जाने की अनुमति नहीं मिलती, तो सरकार या सांसदों को अस्पताल आकर उन युवा नेताओं से मुलाकात करनी होगी।
जवाबदेही की मांग:  उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करेगी। दिल्ली में  “चलो संसद” मार्च के बीच हजारों छात्र, युवा समूह और समर्थक संसद की ओर मार्च करने से पहले जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए। प्रदर्शन को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।
CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने बैठक के बाद, नड्डा को एक लिखित ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें हटाने सहित अपनी मुख्य मांगों को दोहराया गया। पार्टी ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, विरोध जारी रहेगा।
बैठक में सीजेपी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को एक 3-सूत्रीय मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा, जिसकी मुख्य मांगें: इस प्रकार हैं:
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग की गई है.
सोनम वांगचुक की रिहाई: जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (जिन्हें पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है) को तुरंत रिहा कर   वापस जंतर-मंतर पर लाने की मांग की गई.
छात्रों के परिवारों को मुआवजा: नीट परीक्षा के तनाव के कारण कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग रखी गई है.
बैठक के मुख्य बिंदु और वर्तमान स्थिति:

बातचीत का माहौल: जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर बताया कि बातचीत बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धरना समाप्त करने की अपील की है।
सरकार का रुख: केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे इन मांगों को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखेंगे और इसके लिए उन्होंने कुछ समय मांगा है।
दावों पर विरोधाभास: बातचीत के प्रस्ताव को लेकर दोनों पक्षों में अलग-अलग दावे हैं। CJP का कहना है कि उन्हें सरकार की तरफ से बातचीत के लिए बुलावा आया था, जबकि जेपी नड्डा का दावा है कि पहले प्रदर्शनकारियों की ओर से ही बातचीत का प्रस्ताव दिया गया था.
आंदोलन पर स्थिति: सीजेपी नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन और प्रदर्शन जारी रहेगा।

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