Home » भारतीय रिज़र्व बैंक » ₹2,000 तक लेनदेन मुफ्त: UPI चार्जेज़ शुल्क लगाने का रास्ता खुला

₹2,000 तक लेनदेन मुफ्त: UPI चार्जेज़ शुल्क लगाने का रास्ता खुला

दोस्त, रिश्तेदार या  व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर तो  ₹2,000 से अधिक भी पूरी तरह मुफ्त
डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को और बैंकों व पेमेंट कंपनियों के खर्चों को पूरा करने के लिए
आम जनता के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
मर्चेंट पेमेंट्स में से लगभग 96% ट्रांजैक्शंस ₹2,000 से कम
रोजमर्रा के लेन-देन करने वाले आम लोगों और छोटे दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
कानपुर:15 सितम्बर 2026
नई दिल्ली: 15 सितम्बर 2026
आम ग्राहकों के लिए UPI पूरी तरह मुफ्त रहेगा और उन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। वित्त मंत्रालय द्वारा 14 सितंबर 2026 को जारी किए गए नए नोटिफिकेशन के अनुसार, ₹2,000 तक के सभी UPI लेन-देन और RuPay डेबिट कार्ड पेमेंट्स पर कोई भी बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष (Direct) या अप्रत्यक्ष (Indirect) शुल्क नहीं लगा सकता।
इस नए नियम और ‘शुल्क लगाने का रास्ता खुलने’ की पूरी सच्चाई नीचे दी गई है:
UPI चार्जेज से जुड़े मुख्य नियमग्राहकों (Consumers) के लिए नियम: आप चाहे ₹2,000 से कम का पेमेंट करें या उससे ज़्यादा का, आम जनता (User) के लिए UPI ट्रांसफर पूरी तरह फ्री है। आपको अपनी जेब से कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा।
P2P (पर्सन-टू-पर्सन) ट्रांसफर: अगर आप अपने किसी दोस्त, रिश्तेदार या किसी भी व्यक्ति के खाते में पैसे ट्रांसफर करते हैं, तो वह चाहे जितनी भी राशि हो (₹2,000 से अधिक भी), हमेशा की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेगी।
₹2,000 तक के मर्चेंट (दुकानदार) पेमेंट: यदि आप किसी भी दुकान, स्टोर या ऑनलाइन मर्चेंट को ₹2,000 तक का पेमेंट करते हैं, तो उस पर न तो ग्राहक को कोई चार्ज देना होगा और न ही दुकानदार पर कोई चार्ज लगेगा।
 ‘रास्ता खुला’ का क्या मतलब है और शुल्क किस पर लगेगा?
सरकार के इस नोटिफिकेशन ने भविष्य में ₹2,000 से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यानी बड़े व्यापारिक लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या शुल्क लगाने का कानूनी रास्ता साफ कर दिया है।
लागत व्यापारियों (Merchants) पर आएगी: यदि ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर भविष्य में कोई शुल्क लागू होता है (जिसके 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होने की संभावना है), तो इसका बोझ केवल दुकानदारों/कारोबारियों पर पड़ेगा, ग्राहकों पर नहीं।
अनुमानित शुल्क: बड़े मर्चेंट पेमेंट्स पर करीब 0.4% तक का मर्चेंट शुल्क (MDR) लगने का अनुमान है, जो कि क्रेडिट या डेबिट कार्ड के मुकाबले काफी कम होगा।
आम जनता अप्रभावित क्यों? आंकड़ों के अनुसार, भारत में होने वाले कुल मर्चेंट पेमेंट्स में से लगभग 96% ट्रांजैक्शंस ₹2,000 से कम के होते हैं। इसलिए रोजमर्रा के लेन-देन करने वाले आम लोगों और छोटे दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
आम जनता के हितपूरी तरह सुरक्षित: यह कदम डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को लंबे समय तक बनाए रखने और बैंकों व पेमेंट कंपनियों के खर्चों को पूरा करने के लिए उठाया गया है, जिसमें आम जनता के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
x

Share This

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Recent Post