श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 14 की सघन समीक्षा: श्रीमती पद्मा शुक्ला
“गुणत्रय विभाग योग” तीन गुणों—सत्त्व, रजस और तमस—का विस्तार से वर्णन जीव तीन गुणों से बंधा सत्त्व गुण श्रेष्ठ है, परंतु मोक्ष के लिए तीनों गुणों से ऊपर उठना आवश्यक अनन्य भक्ति ही साधक को गुणों से परे ले जाती सच्चा योगी सुख-दुःख, मित्र-शत्रु और सम्मान-अपमान में समान साधक को आत्मज्ञान और वैराग्य की ओर…