राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की आपको भी ढेरों शुभकामनाएँ!: देश की पारंपरिक बुनाई कला, करघा उद्योग और उन कारीगरों को सम्मान देने का अवसर
हैंडलूम सिर्फ कपड़ा नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रतीक 1905 में इसी दिन कोलकाता के टाउन हॉल में ‘स्वदेशी आंदोलन’ की शुरुआत हुई थी, उद्योग से जुड़े कुल बुनकरों और श्रमिकों में 70% से अधिक महिलाएं कानपुर: 7 अगस्त 2026 यह दिन हमारे देश की पारंपरिक बुनाई कला, करघा उद्योग…