अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया ऐतिहासिक निचले स्तरों लगभग रु95.88 पर
मुद्रा के इस अवमूल्यन का भारत की आयात और निर्यात कंपनियों पर गहरा और अलग-अलग असर पारंपरिक रूप से रुपया कमजोर होने से निर्यातकों को फायदा डॉलर की कमाई के बदले अधिक रुपये लेकिन मौजूदा स्थिति में मुनाफा सभी सेक्टर्स को समान नहीं मिल रहा है। भारत के कई निर्यात उद्योग—जैसे रत्न और आभूषण और…