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उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत तैयारियां शुरू : समाजवादी पार्टी ने 20 जनवरी को बुलाई बैठक

सभी सांसद सभी सांसद (लोकसभा और राज्यसभा) को मौजूद रहने के लिए कहा गया है
समाजवादी पार्टी के लोकसभा में 37 और राज्यसभा में 4 सांसद
“साधु-संतों, भक्तों-श्रद्धालुओं के साथ अप्रिय व्यवहार का समाचार दुखद
यूपी में सपा और कांग्रेस के बीच सम्बन्ध मजबूत होते दिखाई दे रहे हैं
गठबंधन की टूटने की पूर्व में थी आशंका
कानपुर: 19 जनवरी 2026
लखनऊ: 19 जनवरी 2026
उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. समाजवादी पार्टी ने 20 जनवरी को बुलाई बड़ी बैठक बुलाई है.
इस बैठक में कांग्रेस के सभी सांसद सभी सांसद (लोकसभा और राज्यसभा) को मौजूद रहने के लिए कहा गया है। इसके साथ, यह स्पष्ट हो गया है कि सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन बरकरार रहेगा जिसे बैठक कल यानी 20 जनवरी को दोपहर 12 बजे लखनऊ में सपा मुख्यालय पर होगी. इस बैठक में पार्टी चीफ अखिलेश यादव पार्टी पदाधिकारियों से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सांसदों से आगामी रणनीतियों पर चर्चा व मशविरा करेंगे. सपा प्रमुख अखिलेश यादव सभी सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्र की विधानसभा सीटों की रिपोर्ट लेंगे.
2027 में सपा के प्रत्याशी चयन की कड़ी में पहली बैठक कही जा सकती है, बैठक में अखिलेश यादव SIR की रिपोर्ट भी लेंगे. सपा ने सांसदों का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार किया है. साथ ही इस बैठक में बजट सत्र की रणनीति को लेकर भी बातचीत होगी. बताते चलें कि समाजवादी पार्टी के लोकसभा में 37 और राज्यसभा में 4 सांसद हैं. फिलहाल, बैठक बेहद अहम मानी जा रही है.
अखिलेश यादव ने अपने एक बयान में बताया कि विधानसभा चुनाव 2027 में इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर लड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग गठबंधन का हिस्सा नहीं रहना चाहते, वे जा सकते हैं लेकिन सपा अपने सहयोगियों को छोड़ने का इरादा नहीं रखती।
अखिलेश यादव ने एक प्रेस कांफ्रेंस में स्पष्ट किया कि सपा और कांग्रेस का गठबंधन आगामी विधानसभा चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “इंडिया गठबंधन जारी रहेगा, हम मिलकर वोटों का गणित साधेंगे और बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए प्रयासरत रहेंगे”।
प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रशासन ने आगे बढ़ने से रोक दिया. जिसे लेकर अखिलेश यादव ने एक्स पोस्ट के जरिये प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसा है. अखिलेश यादव ने एक्स पोस्ट पर लिखा, “साधु-संतों, भक्तों-श्रद्धालुओं के साथ अप्रिय व्यवहार का समाचार दुखद है. भाजपा सरकार ‘दिव्य-भव्य’ के दावे से पहले ‘सभ्य’ बने.”
अखिलेश यादव की इस बैठक से चुनावी रणनीति तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे उनकी पार्टी आगामी चुनावों में एक मजबूत स्थिति में रह सकेगी।
गठबंधन की टूटने की पूर्व में आशंका थी। इस बैठक की गतिविधियों से यह स्पष्ट होता है कि सपा नेता चुनाव को लेकर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और उचित तैयारी कर रहे हैं।
यूपी में सपा और कांग्रेस के बीच सम्बन्ध मजबूत होते दिखाई दे रहे हैं, जिससे आगामी चुनाव के संदर्भ में एक सकारात्मक संकेत मिलता है

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