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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित कक्षा 12 के परिणामों में बड़े पैमाने पर छेड़खानी:राहुल गांधी

प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ एक ‘सोचा-समझा षड़यंत्र’

यह वही कंपनी है जो 2019 में तेलंगाना बोर्ड परीक्षा में बड़े विवाद का कारण बनी थी
स्वतंत्र न्यायिक जांच और विशेष जांच दल के गठन की मांग :राहुल गांधी
कानपुर: 27 मई 2026
नई दिल्ली: 27 मई 2026
राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 12 के परिणामों में बड़े पैमाने पर छेड़खानी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ एक ‘सोचा-समझा षड़यंत्र’ करार दिया है।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 29 अप्रैल बुधवार को अपने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के तहत क्लास 12 की आंसर शीट के इवैल्यूएशन में गड़बड़ी और देरी की एक मीडिया रिपोर्ट को गलत बताया, और कहा कि प्रोसेस “पूरी तरह” काम कर रहा है और टाइम पर है। पीटीआई से बात करते हुए, एग्जामिनेशन कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने कहा था कि स्टूडेंट्स मई के तीसरे सप्ताह में रिजल्ट देख सकते हैं लेकिन 13 मई (cbse class 12th results) को रिजल्ट जारी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि नए शुरू किए गए सिस्टम में टेक्निकल दिक्कतों को बताने वाली मीडिया रिपोर्ट “तथ्यों से बहुत दूर” है। भारद्वाज ने कहा, “मेरा इवैल्यूएशन बहुत अच्छी तरह से हो रहा है, पिछले इवैल्यूएशन से बेहतर है,” और कहा कि बोर्ड को इस साल पूरे पैमाने पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के रोलआउट पर “बहुत गर्व” है। उन्होंने कहा, “मैं हर उस बात को गलत बताता हूं जो कुछ मीडिया न्यूज़ पोर्टल में कही गई है। ये सब गलत है, और सब कुछ बिल्कुल ठीक है। हमें बहुत गर्व है कि हमने यह प्रोसेस शुरू किया है।”
COEMPT और CBSE विवाद
राहुल गांधी ने विशेष रूप से उस कंपनी COEMPT की भूमिका पर सवाल उठाया है, जिसे CBSE के नतीजों के डिजिटल मूल्यांकन का ठेका दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह वही कंपनी है, जिसने 2019 में तेलंगाना बोर्ड परीक्षा में भी बड़े विवाद का कारण बनी थी जब वह ‘Globarena’ नाम से संचालित हो रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना इस विवादित कंपनी को ठेका दिया।
सवाल और मांगें
राहुल गांधी ने सरकार से चार मुख्य सवाल पूछे हैं:
COEMPT कंपनी को यह संवेदनशील ठेका क्यों दिया गया?
इस दागी कंपनी को ठेका देने के लिए किन नियमों और कानूनों की अनदेखी की गई?
सीबीएसई को COEMPT के बारे में क्या जानकारी थी और क्या उनके बैकग्राउंड चेक किए गए थे?
क्या COEMPT के प्रबंधन का मोदी सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ कोई रिश्ता है।
न्यायिक जांच की मांग
राहुल गांधी ने एक स्वतंत्र न्यायिक जांच और विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की है ताकि पूरे मामले की सही जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि छात्रों की मेहनत और भविष्य को कोई नहीं छीन सकता और वे इस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।
इस पूरे विवाद ने न केवल छात्रों बल्कि उनके माता-पिता को भी गहरे सदमे में डाल दिया है, क्योंकि CBSE की परीक्षा प्रणाली पर इस तरह के आरोप उठने से शिक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

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