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हर्षिता: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड : बदली कॉपी के कारण सिर्फ 12 नंबर

मामलों में उचित जाँच और सुधार की आवश्यकता

मुख्य आरोप फिजिक्स के पेपर की आंसर शीट सिर्फ 12 नंबर
बदली हुई हैंडराइटिंग: सिर्फ पहला पन्ना ही उनका
बाकी सभी विषयों में 70 से 80 से अधिक अंक
उनका कुल प्रतिशत लगभग 80% बन रहा है
बहुत कम उत्तर लिखे हैं और कई सवाल खाली छोड़े गए हैं।
पिछले मामलों वेदांत और संजना के बाद सीबीएसई ने ईमेल के जरिए भूल स्वीकार की थी
कानपुर: 29 मई 2026
नई दिल्ली: 29 मई 2026
हर्षिता नाम की केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की छात्रा ने गंभीर आरोप लगाया है कि उसे अपनी आंसर शीट के बजाय किसी और की आंसर शीट दे दी गई, जिसके कारण उसे केवल 12 अंक मिले। इस स्थिति ने उसकी भविष्यवाणी को खतरे में डाल दिया है। हर्षिता के इस प्रकरण को लेकर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और यह चिंता जताई जा रही है कि क्या शिक्षा प्रणाली इस तरह से प्रभावी रही है। वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सवाल करती हैं कि क्या ऐसे ही शिक्षा व्यवस्था चलेगी? यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो न केवल हर्षिता बल्कि अन्य छात्रों के भविष्य को भी प्रभावित करता है। पहले वेदांत का मामला और अब हर्षिता की स्थिति शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को उजागर करती है।
मामलों में उचित जाँच और सुधार की आवश्यकता है, ताकि विद्यार्थियों को सही न्याय मिल सके और उनकी मेहनत को सम्मान मिले।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं की छात्रा हर्षिता का यह मामला हाल ही में सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी चर्चा में आया है। हर्षिता ने बोर्ड की पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) प्रक्रिया के दौरान मिली आंसर शीट में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
मामले के मुख्य बिंदु और छात्रा के आरोप:फिजिक्स (Physics) का पेपर: हर्षिता का मुख्य आरोप उनके फिजिक्स के पेपर की आंसर शीट को लेकर है।
बदली हुई हैंडराइटिंग: हर्षिता के अनुसार, री-इवैल्युएशन के बाद उन्हें जो आंसर शीट की स्कैन कॉपी ऑनलाइन दिखाई गई, उसका सिर्फ पहला पन्ना ही उनका है (जिस पर उनकी निजी जानकारी दर्ज है)। अंदर के बाकी सभी पन्नों पर हैंडराइटिंग उनकी नहीं बल्कि किसी और की है।
मार्क्स में भारी गिरावट: छात्रा का कहना है कि उनका फिजिक्स का पेपर बहुत अच्छा गया था, लेकिन इस बदली हुई कॉपी के कारण उन्हें सिर्फ 12 नंबर दिए गए हैं और रिजल्ट में ‘RT’ (रिपीट थ्योरी/Fail) दिखा रहा है।
बाकी विषयों में अच्छा प्रदर्शन: हर्षिता ने बताया कि इंग्लिश समेत उनके बाकी सभी विषयों में 70 से 80 से अधिक अंक आए हैं और उनका कुल प्रतिशत लगभग 80% बन रहा है। फिजिक्स में इस गड़बड़ी के कारण उनका पूरा रिजल्ट खराब हो गया है।
खाली छोड़े गए सवाल: छात्रा ने यह भी रेखांकित किया कि वह परीक्षा में गाढ़ा (डार्क) लिखती हैं और उन्होंने सारे MCQ हल किए थे, जबकि उन्हें जो कॉपी थमाई गई है उसमें बहुत कम उत्तर लिखे हैं और कई सवाल खाली छोड़े गए हैं।
सीबीएसई का पक्ष और सिस्टम पर उठते सवाल:
हर्षिता से पहले वेदांत और संजना नाम के अन्य छात्रों ने भी इसी तरह अपनी आंसर शीट (फिजिक्स और केमिस्ट्री) बदले जाने के प्रामाणिक आरोप लगाए थे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर काफी हंगामा हुआ। डिजिटल इवैल्युएशन पर सवाल: इन घटनाओं के बाद सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम और डिजिटल री-इवैल्युएशन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बोर्ड की कार्रवाई: हालांकि, पिछले मामलों (जैसे वेदांत और संजना) में गलती सामने आने के बाद सीबीएसई ने ईमेल के जरिए अपनी भूल स्वीकार की थी, छात्रों को उनकी सही आंसर बुक खोजी और मार्क्स संशोधित किए थे। इस पूरे विवाद के बाद बोर्ड प्रभावित छात्रों की शिकायतों को “टॉप प्रायोरिटी” पर रखकर जांच कर रहा है।

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