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राष्ट्र निर्माण के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति को आवश्यक: दत्तात्रेय होसबाले सरकार्यवाह : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

राम जन्मभूमि आंदोलन धार्मिक आस्था का प्रतीक
सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का आधार
राष्ट्र विरोधी शक्तियों के हिंदू धर्म एवं समाज को बदनाम करने के षड़यंत्रों को विफल करे
कानपुर: 3 जुलाई 2026
नई दिल्ली: 3 जुलाई 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह आदरणीय दत्तात्रेय होसबाले जी ने आज 3 जुलाई 2026 अपने वक्तव्य में समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति को आवश्यक बताया। उन्होंने ज़ोर दिया कि राम जन्मभूमि आंदोलन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का भी आधार है।श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केन्द्र बना है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संपूर्ण हिन्दू समाज से भी आह्वान करता है कि इस कठिन क्षण में वह आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय दें तथा इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का लाभ उठाकर हिन्दू विरोधी, राष्ट्र विरोधी शक्तियों के हिंदू धर्म एवं समाज को बदनाम करने के षड़यंत्रों को विफल करे।
उनके अनुसार:
समाज को सकारात्मक दिशा देने के लिए श्रद्धा और भक्ति का भाव ज़रूरी है।
युवाओं को संघर्ष और कठिनाइयों के बीच भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।
राम मंदिर आंदोलन ने करोड़ों लोगों को एकजुट कर सांस्कृतिक पुनर्जागरण का मार्ग प्रशस्त किया।
यह वक्तव्य संघ की परंपरा के अनुरूप आध्यात्मिकता और राष्ट्रवाद के संगम को रेखांकित करता है।

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