पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण के नेतृत्व में 7 दिवसीय विशेष अभियान
केवल 2.94 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबर ब्लॉक
₹1,158.70 करोड़ के विशाल साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़
773 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
लखनऊ: 17 जुलाई 2026
कानपुर: 17 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा शुरू किया गया ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ (ऑपरेशन साइबर-वज्र) राज्य में संगठित साइबर अपराध के खिलाफ एक बेहद निर्णायक और ऐतिहासिक महा-अभियान साबित हुआ है। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण के नेतृत्व में चलाए गए इस 7 दिवसीय विशेष अभियान (7 जुलाई से 13 जुलाई) के तहत केवल 2.94 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबर ही ब्लॉक नहीं किए गए, बल्कि ₹1,158.70 करोड़ के विशाल साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ कर 773 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ की प्रमुख उपलब्धियां और कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर साइबर ठगों के पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त कर दिया है:
* संदिग्ध डिवाइस और नंबर: 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 के बीच 2.94 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबर और 1.81 लाख मोबाइल उपकरणों (Devices) को ब्लॉक किया गया।
* बैंक खातों पर प्रहार: साइबर ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए इस्तेमाल होने वाले 3,866 संदिग्ध ‘म्यूल बैंक खाते’ (Mule Accounts) फ्रीज किए गए।
* अवैध सेटअप नष्ट: राज्यभर में चल रहे 17 अवैध कॉल सेंटर, 5 सिम बॉक्स और फर्जी सिम बेचने वाले 11 अवैध सिम विक्रेताओं को पकड़ा गया।
* भारी बरामदगी: अपराधियों के पास से ₹53.35 लाख नकद, 911 मोबाइल, 1,270 सिम कार्ड और 75 लैपटॉप/डेस्कटॉप जब्त किए गए।
साइबर पीड़ितों के लिए सरकारी पोर्टल (त्वरित पैसा वापसी)
केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के सहयोग से यूपी पुलिस दो विशेष मॉड्यूल के जरिए पीड़ितों की रकम तेजी से वापस दिला रही है:
साइबर पीड़ितों के लिए सरकारी पोर्टल (त्वरित पैसा वापसी) केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के सहयोग से यूपी पुलिस दो विशेष मॉड्यूल के जरिए पीड़ितों की रकम तेजी से वापस दिला रही है:
मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM): इस पोर्टल की मदद से यदि आपके साथ ₹50,000 तक की साइबर ठगी हुई है, तो आप बिना FIR दर्ज कराए भी अपनी रकम वापस पा सकते हैं।
शिकायत निवारण मॉड्यूल (GRM): इसके माध्यम से गलत तरीके से होल्ड या फ्रीज किए गए बैंक खातों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है।
*नोट: ₹50,000 से अधिक की धोखाधड़ी होने पर रकम वापसी के लिए तत्काल FIR दर्ज कराना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर करें या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें
1. मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM): इस पोर्टल की मदद से यदि आपके साथ ₹50,000 तक की साइबर ठगी हुई है, तो आप बिना FIR दर्ज कराए भी अपनी रकम वापस पा सकते हैं।
2. शिकायत निवारण मॉड्यूल (GRM): इसके माध्यम से गलत तरीके से होल्ड या फ्रीज किए गए बैंक खातों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है।
खुद को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी सावधानियां
यूपी पुलिस द्वारा जारी जन-जागरूकता निर्देशों के अनुसार इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
* डिजिटल अरेस्ट से बचें: कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस आपको वीडियो कॉल (WhatsApp/Skype) पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती है। ऐसा कॉल आने पर तुरंत डिस्कनेक्ट करें।
* अंजान लिंक्स पर क्लिक न करें: बिजली बिल अपडेट, लॉटरी, या पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर आने वाले संदिग्ध लिंक्स को न खोलें।
* OTP और पिन: अपना बैंक खाता नंबर, UPI पिन या OTP कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
लखनऊ: 17 जुलाई 2026
कानपुर: 17 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा शुरू किया गया ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ (ऑपरेशन साइबर-वज्र) राज्य में संगठित साइबर अपराध के खिलाफ एक बेहद निर्णायक और ऐतिहासिक महा-अभियान साबित हुआ है। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण के नेतृत्व में चलाए गए इस 7 दिवसीय विशेष अभियान (7 जुलाई से 13 जुलाई) के तहत केवल 2.94 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबर ही ब्लॉक नहीं किए गए, बल्कि ₹1,158.70 करोड़ के विशाल साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ कर 773 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ की प्रमुख उपलब्धियां और कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर साइबर ठगों के पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त कर दिया है:
* संदिग्ध डिवाइस और नंबर: 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 के बीच 2.94 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबर और 1.81 लाख मोबाइल उपकरणों (Devices) को ब्लॉक किया गया।
* बैंक खातों पर प्रहार: साइबर ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए इस्तेमाल होने वाले 3,866 संदिग्ध ‘म्यूल बैंक खाते’ (Mule Accounts) फ्रीज किए गए।
* अवैध सेटअप नष्ट: राज्यभर में चल रहे 17 अवैध कॉल सेंटर, 5 सिम बॉक्स और फर्जी सिम बेचने वाले 11 अवैध सिम विक्रेताओं को पकड़ा गया।
* भारी बरामदगी: अपराधियों के पास से ₹53.35 लाख नकद, 911 मोबाइल, 1,270 सिम कार्ड और 75 लैपटॉप/डेस्कटॉप जब्त किए गए।
साइबर पीड़ितों के लिए सरकारी पोर्टल (त्वरित पैसा वापसी)
केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के सहयोग से यूपी पुलिस दो विशेष मॉड्यूल के जरिए पीड़ितों की रकम तेजी से वापस दिला रही है:
साइबर पीड़ितों के लिए सरकारी पोर्टल (त्वरित पैसा वापसी) केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के सहयोग से यूपी पुलिस दो विशेष मॉड्यूल के जरिए पीड़ितों की रकम तेजी से वापस दिला रही है:
मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM): इस पोर्टल की मदद से यदि आपके साथ ₹50,000 तक की साइबर ठगी हुई है, तो आप बिना FIR दर्ज कराए भी अपनी रकम वापस पा सकते हैं।
शिकायत निवारण मॉड्यूल (GRM): इसके माध्यम से गलत तरीके से होल्ड या फ्रीज किए गए बैंक खातों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है।
*नोट: ₹50,000 से अधिक की धोखाधड़ी होने पर रकम वापसी के लिए तत्काल FIR दर्ज कराना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर करें या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें
1. मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM): इस पोर्टल की मदद से यदि आपके साथ ₹50,000 तक की साइबर ठगी हुई है, तो आप बिना FIR दर्ज कराए भी अपनी रकम वापस पा सकते हैं।
2. शिकायत निवारण मॉड्यूल (GRM): इसके माध्यम से गलत तरीके से होल्ड या फ्रीज किए गए बैंक खातों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है।
खुद को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी सावधानियां
यूपी पुलिस द्वारा जारी जन-जागरूकता निर्देशों के अनुसार इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
* डिजिटल अरेस्ट से बचें: कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस आपको वीडियो कॉल (WhatsApp/Skype) पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती है। ऐसा कॉल आने पर तुरंत डिस्कनेक्ट करें।
* अंजान लिंक्स पर क्लिक न करें: बिजली बिल अपडेट, लॉटरी, या पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर आने वाले संदिग्ध लिंक्स को न खोलें।
* OTP और पिन: अपना बैंक खाता नंबर, UPI पिन या OTP कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।









