अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सा टीम SGPGI संस्थान लखनऊ से विशेष ट्रेनिंग प्राप्त कर रही है।
सरकारी सुविधा न होने से मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था।
कानपुर:5 अगस्त 2026
कानपुर के जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत आने वाले हैलट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (GSVS PGI) को उत्तर प्रदेश शासन से किडनी ट्रांसप्लांट (गुर्दा प्रत्यारोपण) शुरू करने की आधिकारिक अनुमति मिल गई है। यह मंजूरी चिकित्सा महानिदेशक कार्यालय द्वारा 5 वर्षों के लिए प्रदान की गई है।
मुख्य हाइलाइट्स और तैयारियां:कर्मचारियों का प्रशिक्षण:अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सा टीम वर्तमान में लखनऊ के प्रतिष्ठित SGPGI संस्थान से विशेष ट्रेनिंग प्राप्त कर रही है। यह टीम सितंबर तक अपनी ट्रेनिंग पूरी कर कानपुर लौटेगी। उपकरणों की खरीद: मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला के अनुसार, ट्रांसप्लांट से जुड़े आधुनिक उपकरणों को खरीदने के लिए शासन को ₹1.5 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है।
संयुक्त चिकित्सा सेवाएं: अस्पताल के नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर मिलकर इस ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को अंजाम देंगे।
मरीजों को राहत: हैलट अस्पताल में आने वाले हर चौथे किडनी मरीज को ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है। अब तक सरकारी सुविधा न होने से मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। यहाँ ट्रांसप्लांट शुरू होने से मरीजों का लाखों रुपये का खर्च बचेगा।
अस्पताल प्रशासन जल्द ही ट्रांसप्लांट ओपीडी की शुरुआत करने जा रहा है, जिससे मरीजों की स्क्रीनिंग शुरू की जा सके।









