यदि सुरक्षा नहीं बढ़ानी है, तो अधिकारी लिखित में दें ताकि वे अदालत की शरण ले सकें।
आईएएस अधिकारी की तैनाती के पहले दिन से ही उनकी सुरक्षा में एक गनर और तीन होमगार्ड तैनात किए गए
जालौन बार एसोसिएशन ने अदालतों में एकतरफा आदेश और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था।
कानपुर: 11 अगस्त 2026
जालौन: 11 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में तैनात आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा कर स्थानीय प्रशासन पर फर्जी शिकायतों के जरिए उनके खिलाफ गहरी साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने पोस्ट में स्पष्ट किया कि यदि वे किसी भी स्तर पर गलत पाए जाते हैं तो उन्हें सजा दी जानी चाहिए, लेकिन इस तरह की झूठी साजिशों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विवाद की मुख्य वजहें
सुरक्षा पर गंभीर खतरा: वर्तमान में उरई (जालौन) के एसडीएम न्यायिक पद पर कार्यरत आईएएस रिंकू सिंह राही ने अपनी जान को बड़ा खतरा बताया है। अतीत में 7 गोलियां खाकर जीवित बचे राही ने आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद प्रशासन उनकी सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा नहीं बढ़ानी है, तो अधिकारी लिखित में दें ताकि वे अदालत की शरण ले सकें।
नगर पालिका जांच और वकीलों से तकरार: रिंकू सिंह राही हाल ही में उरई नगर पालिका परिषद में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच करने पहुंचे थे, जिसके बाद उनका जांच दल बदल दिया गया। इसी के साथ जालौन बार एसोसिएशन ने उन पर अदालतों में एकतरफा आदेश पारित करने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए राजस्व अदालतों के बहिष्कार का ऐलान कर दिया था।
प्रशासन का रुख
जालौन पुलिस प्रशासन (एसपी विनय कुमार सिंह) के अनुसार, आईएएस अधिकारी की तैनाती के पहले दिन से ही उनकी सुरक्षा में एक गनर और तीन होमगार्ड तैनात किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा संबंधी थ्रेट असेसमेंट (खतरे की समीक्षा) की जा रही है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया जाएगा।










