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सह-स्वामी अन्य सह-स्वामियों की सहमति और कानूनी विभाजन के बिना अविभाजित संपत्ति अकेले नहीं बेच सकता : सुप्रीम कोर्ट

सह-मालिक केवल अपने हिस्से को बेचने का अधिकार रखता है, पूरी संपत्ति का नहीं.
खरीदार एक सह-मालिक से अविभाजित संपत्ति खरीदता तो विभाजन का दावा करने का अधिकार
विक्रय विलेख  अन्य सह-मालिकों के हिस्से की सीमा तक शून्य माना
कानपुर:9 सितम्बर 2026
नई दिल्ली: 9  सितम्बर 2026
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि कोई भी सह-स्वामी (co-owner) अन्य सह-स्वामियों की सहमति और कानूनी विभाजन (partition) के बिना पूरी अविभाजित संपत्ति (undivided property) को अकेले नहीं बेच सकता है.
अदालत द्वारा स्पष्ट किए गए मुख्य कानूनी बिंदु इस प्रकार हैं:
केवल अपने हिस्से की बिक्री संभव: संपत्ति का कोई भी सह-मालिक केवल अपने हिस्से (undivided share) को बेचने का अधिकार रखता है, पूरी संपत्ति का नहीं.
क्रेता (Buyer) के अधिकार सीमित:
यदि कोई खरीदार किसी एक सह-मालिक से अविभाजित संपत्ति खरीदता है, तो उसे केवल उस हिस्से पर विभाजन (partition suit) का दावा करने का अधिकार मिलता है, न कि पूरी संपत्ति पर मालिकाना हक.
पूरी बिक्री का विलेख अवैध: यदि कोई सह-मालिक अन्य स्वामियों की अनुमति के बिना पूरी संपत्ति का विक्रय विलेख (Sale Deed) निष्पादित करता है, तो वह अन्य सह-मालिकों के हिस्से की सीमा तक शून्य (void) माना जाएगा.
विभाजन है अनिवार्य: संपत्ति के किसी विशेष कमरे या हिस्से को पूरी तरह से बेचने के लिए पहले पंजीकृत विभाजन विलेख (Registered Partition Deed) या अदालती डिक्री के माध्यम से हिस्से का सीमांकन (demarcation) होना जरूरी है.

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