डा. सुरेश अवस्थी दैनिक जागरण समाचारपत्र के वरिष्ठतम पत्रकार, कवि व साहित्यकार की सोशल मीडिया पोस्ट से
– परहित के कार्य में समर्पण से व्यक्ति राम जैसे बनता – दूसरों के अधिकारों पर आक्रमण होता है, तब संघर्ष उत्पन्न होता है। – सच्ची भक्ति व आत्मिक मिलन के लिए, बाहरी चीज़ों को छोड़कर मन के भीतर झांकना चाहिए। कानपुर: 19 जनवरी 2026 डा. सुरेश अवस्थी की इस कविता में परहित और समरसता के महत्व पर जोर…