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BRICS ऊर्जा मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक: भारत की अध्यक्षता में गुरुग्राम में आज से

विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर
11वीं BRICS ऊर्जा मंत्रियों की बैठक की तैयारी, सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करेगा
BRICS में वर्तमान में 11 सदस्य देश शामिल
देश आधी दुनिया की जनसंख्या और वैश्विक जीडीपी के 40 % हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं
कानपुर: 25 जून 2026
नई दिल्ली: 25 जून 2026
भारत आज से हरियाणा के गुरुग्राम में 11वीं ब्रिक्स (BRICS) ऊर्जा मंत्रियों की बैठक की मेजबानी कर रहा है दो दिनों तक चलने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में ब्रिक्स के सभी 11 सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
आज से बैठक शुरू हो गई है। यह बैठक 25 और 26 जून 2026 को होने वाली 11वीं BRICS ऊर्जा मंत्रियों की बैठक की तैयारी, सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करेग।
बैठक के उद्देश्यों
बैठक का मुख्य ध्यान ऊर्जा सुरक्षा, टिकाऊ विकास, और नवाचार पर होगा। भारत का यह कदम ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करने और अन्य BRICS देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए है।
BRICS देशों की विविधता
BRICS में वर्तमान में 11 सदस्य देश शामिल हैं: ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, और संयुक्त अरब अमीरात। ये देश मिलकर लगभग आधी दुनिया की जनसंख्या और वैश्विक जीडीपी के 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं。
भारत का ऊर्जा समर्पण
भारत ने ऊर्जा सुरक्षा, निष्पक्ष वितरण, और प्रौद्योगिकी में नवाचार को ऊर्जा एजेंडा के तीन प्रमुख क्षेत्रों के रूप में पहचाना है। बैठक में ये मुद्दे विशेष रूप से चर्चा का केंद्र होंगे, जिससे BRICS देशों के बीच सहयोग को निश्चित रूप से बढ़ाने की उम्मीद है।
विशिष्ट पहलें
भारत ने पिछले एक दशक में सौर ऊर्जा और स्मार्ट मीटर जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। यह BRICS ऊर्जा मंत्रियों की बैठक वैश्विक ऊर्जा नीति को आकार देने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है।
यह बैठक भारत के लिए विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है, जिसे भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज़ के रूप में देखता है।

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