छात्र परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा जाता है, तो विशेष विषय में फेल
छात्र नकल करते हुए पकड़ा जाता , तो उसे कंपार्टमेंट श्रेणी में
उस विषय की परीक्षा फिर से देनी होगी
नियमों का उद्देश्य ईमानदारी से परीक्षा में बैठने और अध्ययन करने का माहौल पैदा करना
कानपुर:16 मार्च 2026
नई दिल्ली:16 मार्च 2026
सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने अपनी बोर्ड परीक्षाओं में नकल करने के संबंध में नए कठोर नियम लागू किए हैं। इन नियमों का उद्देश्यता नकल और अनुचित साधनों के उपयोग को रोकना और परीक्षा की पारदर्शिता को बनाए रखना है।
नए नियमों की मुख्य बातें:
नकल की सजा: अगर कोई छात्र परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे उस विशेष विषय के लिए फेल कर दिया जाएगा। यह नियम कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं पर लागू होगा.
अतिरिक्त विषयों का उपयोग: पहले छात्र अपनी नकल किए गए विषय के अंक को छठे या सातवें अतिरिक्त विषय के अंकों से बदलकर पास हो सकते थे। परंतु, नए नियम के तहत इस प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि छात्र अब मुख्य विषयों में न्यूनतम अंक हासिल किए बिना पास नहीं हो पाएंगे.
कंपार्टमेंट की श्रेणी: अगर कोई छात्र नकल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे कंपार्टमेंट श्रेणी में रखा जाएगा, और उस विषय की परीक्षा फिर से देनी होगी.
संख्यात्मक तथ्य: पिछले साल यानी 2025 में, लगभग 30-40% छात्रों को अनुचित साधनों के तहत पकड़ा गया था, लेकिन उन्हें अतिरिक्त विषय के अंकों के आधार पर पास कर दिया गया था.
अन्य महत्वपूर्ण बदलाव: परीक्षा केंद्रों पर निगरानी को और अधिक सख्त बनाया गया है। संदिग्ध सामग्री या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ पकड़े जाने पर छात्र को परीक्षा से बाहर किया जा सकता है, और उसके परिणाम को होल्ड पर रखा जाएगा.
नियमों का उद्देश्य छात्रों के लिए ईमानदारी से परीक्षा में बैठने और अध्ययन करने का माहौल पैदा करना है। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि नकल को लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी, और यह छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। इस प्रकार के बदलाव परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए किए गए हैं। यदि कोई छात्र इस नए आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसे भविष्य में इसके नकारात्मक परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
छात्रों को सलाह है कि वे अपनी मेहनत और समर्पण पर भरोसा करें, क्योंकि अब बोर्ड परीक्षा में अनुशासन और ईमानदारी से अधिक महत्व दिया जा रहा है.










