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दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन यात्राएँ

पुर्तगाल से सिंगापुर तक 18,755 4100 किमी 21 दिन
डिब्रूगढ़-कन्याकुमारी विवेक एक्सप्रेस भारत का सबसे लंबा रेल मार्ग 4100 किमी
कानपुर:03 अप्रैल 2026
दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन यात्राएँ मुख्यतः निम्नलिखित हैं:

  1. पुर्तगाल से सिंगापुर तक की यात्रा: यह दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन यात्रा है, जो 18,755 किलोमीटर की दूरी तय करती है और इस यात्रा में 21 दिन लगते हैं। इस यात्रा के दौरान ट्रेन 13 देशों से गुजरती है, जिनमें स्पेन, फ्रांस, रूस, चीन, वियतनाम, थाईलैंड, और सिंगापुर शामिल हैं। यात्रा के मुख्य स्टॉप्स में प्रमुख शहर जैसे पेरिस, मॉस्को, बीजिंग और बैंकॉक शामिल हैं।
  2. ट्रांस-साइबेरियन रेलवे: यह यात्रा रूस में स्थित है और इसकी लंबाई 9,289 किलोमीटर है। यह दुनिया की सबसे लंबी एकल ट्रेन यात्रा में से एक है और इसकी अवधि लगभग 7 दिन होती है। यह यात्रा अलेक्जेंडर के नामांकित मंगोलिया तक जाती है, और इसमें 8 टाइम ज़ोन पार किए जाते हैं।
  3. भारत की विवेक एक्सप्रेस: जो डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी तक चलती है, यह यात्रा 4273 किलोमीटर की है और इसे पूरा करने में 80 घंटे 15 मिनट लगते हैं। यह भारत की सबसे लंबी ट्रेन यात्रा है।
  4. दक्षिण अमेरिका की अरजेंटीना की यात्रा: जो 4,000 किलोमीटर तक विस्तारित होती है, यह यात्रा विभिन्न कंदराओं और जंगलों से होते हुए जाती है। यात्रा की यह विशेषता इसे रोमांचक बनाती है।
  5. सूर्य के देश से तट की यात्रा (Summer Train): यह विशेष यात्रा प्राचीन और आधुनिकता को जोड़ने वाली है और इसमें Scenic Views के साथ विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक अनुभव प्रस्तुत किए जाते हैं।
  6. डिब्रूगढ़-कन्याकुमारी विवेक एक्सप्रेस भारत का सबसे लंबा रेल मार्ग है। यह ट्रेन असम के डिब्रूगढ़ से तमिलनाडु के कन्याकुमारी के बीच लगभग 4,189 से 4,273 किमी की दूरी तय करती है। यह यात्रा लगभग 74-82 घंटे (3-4 दिन) में पूरी होती है और यह 9 राज्यों से होकर गुजरती है।
    विवेक एक्सप्रेस की मुख्य विशेषताएं:
    • लंबाई: यह 4100 किमी से अधिक दूरी तय करती है।
    • मार्ग: यह पूर्वोत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ती है।
    • राज्य: यह ट्रेन असम, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु से होकर गुजरती है।
    • स्टेशन: यह लगभग 57 से 60 स्टेशनों पर रुकती है।
    • शुरुआत: यह स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 2013 में शुरू की गई थी।

ये सफ़र विश्व के विभिन्न कोनों में यात्रा करने का अद्भुत अनुभव प्रदान करते हैं और यात्रा के दौरान विभिन्न संस्कृतियों का सामना करने का अवसर देते हैं।
सभी यात्राएँ विभिन्न स्थलों, विशेषताओं और अद्वितीय दृश्य अनुभवों के साथ जुड़ी हुई हैं, जो यात्रा को रोमांचक और यादगार बनाते हैं।

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