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नीट पेपर लीक विवाद के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 47 अधिकारियों को किया बर्खास्त

उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में स्थानांतरित
राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए बदलाव
संवेदनशील प्रश्नपत्रों की फिजिकल मूवमेंट कम होगी।
पंजीकरण, केंद्र प्रबंधन और गोपनीय सामग्री की हैंडलिंग में आउटसोर्सिंग को पूरी तरह बंद
बर्खास्त 47 अधिकारियों में से कुछ के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी शुरू की जाएगी
कानपुर: जुलाई 23, 2026
नई दिल्ली: जुलाई 23, 2026
नीट पेपर लीक विवाद और देशव्यापी छात्र प्रदर्शनों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए अपने 47 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार कार्रवाई एजेंसी में सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए शुरू किए गए एक बड़े व्यापक बदलाव का हिस्सा है।
कार्रवाई से जुड़ी मुख्य बातें और आने वाले बदलाव निम्नलिखित हैं:
मुख्य प्रशासनिक कार्रवाइयां क्रिमिनल केस दर्ज होगा: बर्खास्त किए गए 47 अधिकारियों में से कुछ के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।
उच्च स्तरीय फेरबदल: इस बड़ी कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया था।भविष्य में और क्लीनअप: अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में लापरवाही बरतने वाले कुछ अन्य कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है और बड़े सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।नीट पेपर लीक विवाद के बीच NTA के 47 अधिकारियों पर हुई इस सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट आप इस वीडियो में देख सकते हैं: NTA में बड़ा एक्शन, 47 अधिकारियों को किया: NTA के 47 अफसर क्यों हुए बर्खास्त परीक्षा प्रणाली में आगामी बड़े सुधार शिक्षा मंत्रालय और राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए नए बदलाव किए जा रहे हैं:
CBT मोड में शिफ्ट: साल 2027 से नीट-यूजी परीक्षा को पेन-पेपर (OMR) आधारित टेस्ट से बदलकर कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित किया जाएगा। इससे संवेदनशील प्रश्नपत्रों की फिजिकल मूवमेंट कम होगी।
आउटसोर्सिंग पर रोक: पंजीकरण, परीक्षा केंद्र प्रबंधन और गोपनीय सामग्री की हैंडलिंग जैसी संवेदनशील प्रक्रियाओं में बाहरी एजेंसियों की आउटसोर्सिंग को पूरी तरह बंद या बेहद सीमित किया जाएगा।मल्टीपल क्वेश्चन सेट्स: डिजिटल मोड में आने के बाद अधिक प्रश्नपत्रों के सेट तैयार किए जा सकेंगे ताकि सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।छात्रों का प्रदर्शन और मांगेंयह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े हजारों छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाने की मांग पर अड़े हुए हैं।

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