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80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से “शक्ति की सप्तधारा” विजन की घोषणा: नरेंद्र मोदी:प्रधानमंत्री

देश के युवाओं, शिक्षा प्रणाली और तकनीकी विकास को केंद्र में रखकर कई क्रांतिकारी सुधारों का ऐलान
10 मिलियन युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े स्किलिंग कोर्सेज का प्रशिक्षण
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक गड़बड़ियों को रोकने के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन
कानपुर:15 अगस्त 2026
नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री ने 80वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के अवसर पर लाल किले से “शक्ति की सप्तधारा” (Saptadhara) विजन की घोषणा की है. यह 7-सूत्रीय रणनीतिक ढांचा वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तैयार किया गया है. इसके तहत देश के युवाओं, शिक्षा प्रणाली और तकनीकी विकास को केंद्र में रखकर कई क्रांतिकारी सुधारों का ऐलान किया गया है.
इस ऐतिहासिक सुधार योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. 1 करोड़ युवाओं के लिए AI स्किलिंगबड़ा लक्ष्य: देश के 1 करोड़ (10 मिलियन) युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े स्किलिंग कोर्सेज का प्रशिक्षण दिया जाएगा.
समय सीमा: सरकार ने इस बड़े तकनीकी अभियान को आगामी 1 वर्ष के भीतर पूरा करने का संकल्प लिया है.
 उद्देश्य: युवाओं को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (जैसे रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर्स) के लिए तैयार कर भारत को ग्लोबल इनोवेशन हब बनाना है.
2. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंगवित्तीय राहत: गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को प्राइवेट कोचिंग सेंटरों की भारी-भरकम फीस और आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाना इसका मुख्य उद्देश्य है.
मजबूत नेटवर्क: देश के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और बेहतरीन शिक्षकों को आपस में जोड़कर एक राष्ट्रव्यापी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार किया जाएगा.
सुविधा: छात्र अब महंगे शहरों (जैसे कोटा या दिल्ली) में जाए बिना, अपने घर पर रहकर ही JEE, NEET, UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी कर सकेंगे.
 3. व्यापक परीक्षा सुधार (Examination Reforms)हाई-पावर्ड टास्क फोर्स: परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी करेंगे.कड़ा कानून: परीक्षाओं की विश्वसनीयता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए सरकार संसद में एक सख्त नया कानून पेश करेगी, जिसमें धोखाधड़ी और धांधली के खिलाफ कड़े प्रावधान होंगे.
“शक्ति की सप्तधारा” के 7 मुख्य स्तंभ (Pillars):
यह सुधार योजना अकेले काम नहीं करेगी, बल्कि इसे राष्ट्रीय विकास की इन 7 धाराओं से जोड़ा गया है:
मैन्युफैक्चरिंग पावर: भारत को दुनिया का विश्वसनीय विनिर्माण हब बनाना.कृषि और फूड प्रोसेसिंग: देश को एक बड़ी वैश्विक खाद्य शक्ति के रूप में स्थापित करना.
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन: AI, सेमीकंडक्टर और स्पेस सेक्टर में अगली छलांग लगाना.गति शक्ति: हाईवे और हाई-स्पीड रेल के जरिए विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास.
रक्षा शक्ति: रक्षा उपकरणों के उत्पादन में भारत को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना.ग्रीन औऱ ब्लू इकोनॉमी: स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री और प्राकृतिक संसाधनों की क्षमता का दोहन.
भारत की सॉफ्ट पावर: भारतीय संस्कृति, कला और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना.
यह दूरदर्शी नीति भारतीय युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और भारत के परीक्षा ढांचे को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

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