Home » Blog » महात्मा गांधी की गहरी और महत्वपूर्ण विरासत ईरान में

महात्मा गांधी की गहरी और महत्वपूर्ण विरासत ईरान में

ईरान में अनेक सड़कें गांधी के नाम पर

मार्च 2026 की शुरुआत में संघर्ष के दौरान अस्पताल को भारी क्षति पहुंची
तेहरान में प्रख्यात अस्पताल गांधी अस्पताल गांधी अस्पताल पर हमला: कई बच्चों की मौत
कानपुर:14 मार्च 2026
महात्मा गांधी की गहरी और महत्वपूर्ण विरासत ईरान में है। वहाँ अनेक सड़कें गांधी के नाम पर हैं
ईरान तेहरान,  स्थित गांधी अस्पताल (Gandhi Hospital) एक प्रमुख 17-मंजिला निजी होटल-अस्पताल है, यह चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) के लिए एक प्रसिद्ध केंद्र था, जिसमें 100 इनपेशेंट बेड, 40 आईसीयू बेड और 17 ऑपरेटिंग रूम शामिल थे। हाल ही में, इस पर हुए हमलों के कारण इसे भारी क्षति पहुंची है।
गांधी अस्पताल (तेहरान) के बारे में मुख्य बातें:विशेषता: यह मध्य पूर्व में सबसे पेशेवर और सुसज्जित अस्पतालों में से एक माना जाता था, जो परमाणु चिकित्सा (Nuclear Medicine) सहित उन्नत सेवाएं प्रदान करता था।
होटल-अस्पताल अवधारणा: यह 17-मंजिला अस्पताल और 21-मंजिला होटल का एक परिसर है, जो मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए 100 आवासीय सुइट्स प्रदान करता था।
स्थान: यह तेहरान के प्रमुख चिकित्सा क्षेत्रों में से एक में स्थित है, जो अपनी उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध है।
हालिया घटनाक्रम: मार्च 2026 की शुरुआत में, संघर्ष के दौरान अस्पताल को भारी क्षति पहुंची और मरीजों को निकाला गया, जिससे इसके बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान हुआ।
यह अस्पताल ईरान-भारत संबंधों के एक प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है, क्योंकि ईरान में गांधी के नाम पर कई जगहें हैं। डॉक्टर अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने उल्लेख किया कि पिछले सप्ताह इस अस्पताल पर हमला हुआ, जिसमें कई बच्चों की मौत हो गई।
यह हमला ईरान की राजधानी तेहरान में हुआ, जिसमें इजरायल के वायुसेना द्वारा अस्पताल को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, अस्पताल के कई वार्ड गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं और वहाँ बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। हमले के कारण लोग मारे गए, जबकि अस्पताल में दाखिल मरीजों को तत्काल दूसरे स्थानों पर ले जाने की आवश्यकता पड़ी। यह ईरान और इज़राइल के बीच जारी तनाव का एक नया मोड़ है, जिस पर ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किया।
गांधी अस्पताल का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया था और यह भारत-ईरान की मित्रता का प्रतीक माना जाता है। इसकी स्थापना 1960 में भारतीय नागरिकों की चिकित्सा सेवाओं के लिए की गई थी, लेकिन बाद में इसे आम ईरानी नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया। हमले ने इस प्रतिष्ठित अस्पताल को न केवल शारीरिक रूप से नुकसान पहुँचाया बल्कि समुदाय में एक गहरी भावनात्मक आघात भी उत्पन्न किया है।
हमले ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण चिकित्सीय प्रतिष्ठान को नुकसान नहीं पहुँचा भारत और ईरान के बीच के संबंधों को भी प्रभावित किया है।

Share This

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Recent Post