CBI आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सरकारी अधिकारियों व निजी व्यक्तियों की कर रही है जांच
निवेश धोखाधड़ी वर्ष 2012 से 2018 के बीच की LIC ने करीब ₹3,900 करोड़ का निवेश
प्रवक्ता: अनिल अंबानी नवंबर 2021 तक एक नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर/चेयरमैन
कानपुर:18सितम्बर 2026
नई दिल्ली: 18 सितम्बर 2026
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (RCAP), उसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ ₹2,684.57 करोड़ की एलआईसी (LIC) निवेश धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
यह मामला भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
आरोप: LIC का आरोप है कि आरोपियों ने गलत जानकारी (misrepresentation) देकर उसे रिलायंस कैपिटल के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) में निवेश करने के लिए उकसाया और बाद में उस फंड को धोखाधड़ी से डायवर्ट (दूसरे कामों में ट्रांसफर) कर दिया।
नुकसान: इस हेराफेरी के कारण LIC को ₹2,684.57 करोड़ का भारी नुकसान हुआ है।
समय अवधि: यह निवेश धोखाधड़ी वर्ष 2012 से 2018 के बीच की बताई जा रही है, जिसमें LIC ने करीब ₹3,900 करोड़ का निवेश किया था।
अनिल अंबानी का पक्ष: अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने नवंबर 2021 तक केवल एक नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर/चेयरमैन के रूप में काम किया था, जिसके बाद RBI ने बोर्ड को भंग कर दिया था। उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से साफ इनकार किया है।
CBI इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सरकारी अधिकारियों व निजी व्यक्तियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।









