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10 जुलाई 2026: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की ताज़ा कार्रवाई

SIT ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी प्रारंभिक/अंतरिम जांच रिपोर्ट सौंपी
45 दिनों के सीसीटीवी फुटेज मे कर्मियों द्वारा करीब 70 बार पैसे छुपाकर चोरी के पुख्ता सबूत
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बीच हुए नियमों का पालन नहीं
सुप्रीम कोर्ट में 13 जुलाई को सुनवाई

कानपुर: 10 जुलाई 2026
लखनऊ :10 जुलाई 2026
छापेमारी और बरामदगी: आरोपी के खुलासे के आधार पर पुलिस ने कई जगह छापेमारी की।
बरामद सामान:
एक स्विफ्ट डिज़ायर कार
सोने के आभूषण
नकदी
अन्य वस्तुएँ, जिन्हें कथित तौर पर चोरी के पैसों से खरीदा गया बताया जा रहा है।
जांच का केंद्र बिंदु: SIT अब इन बरामद वस्तुओं और आरोपी के वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल कर रही है।
मुख्य कार्रवाई और पुलिस रिमांड से खुलासेरिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल: कस्टडी रिमांड पर लिए गए मुख्य आरोपियों (अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे) से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि चोरी की रकम पहले रिश्तेदारों और करीबियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी और फिर अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए वापस ली जाती थी।
भारी मात्रा में कैश और जेवरात की बरामदगी: आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी में लाखों रुपये नकद (जैसे अविनाश शुक्ला के घर से ₹20 लाख और $1121 विदेशी मुद्रा, अनुकल्प मिश्रा से ₹16 लाख और करुणेश पांडे से ₹18 लाख) सहित सोने-चांदी के जेवरात बरामद हुए हैं।
बैंक अधिकारियों और अन्य पर कार्रवाई की तैयारी: SIT ने पाया कि चढ़ावे के प्रबंधन के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बीच हुए नियमों (SOP) का पालन नहीं कराया गया, जिससे बैंक और निगरानी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर आगे की बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
70 बार चोरी की पुष्टि: 45 दिनों के सीसीटीवी फुटेज (27 अप्रैल से 6 जून 2026) की जांच में नोटों की गिनती करने वाले कर्मियों द्वारा करीब 70 बार पैसे छुपाकर चोरी करने के पुख्ता सबूत मिले हैं। कर्मियों को कपड़े, जेब और जूतों में पैसे छिपाते देखा गया।
CCTV फुटेज नष्ट होने की लापरवाही: नियमों के मुताबिक सीसीटीवी बैकअप 180 दिनों का होना चाहिए था, लेकिन केवल 45 दिनों का ही बैकअप रखा गया था।
सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन गिनती करने वाले स्टाफ को निर्धारित पोशाक नहीं दी गई थी और दान पात्र से काउंटिंग सेंटर तक चढ़ावा ले जाते समय वीडियोग्राफी भी नहीं की जा रही थी।इस पूरे मामले की जांच CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) को सौंपने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच आगामी 13 जुलाई 2026 को इस मामले पर अहम सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ताओं ने जांच पूरी होने तक बैंक रिकॉर्ड, ऑडिट रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज जैसे सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है।
SIT की अंतरिम रिपोर्ट की मुख्य बातें
SIT ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी प्रारंभिक/अंतरिम जांच रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें गंभीर प्रशासनिक चूकों का खुलासा हुआ है:
सुप्रीम कोर्ट में 13 जुलाई को सुनवाई
SIT इस हफ्ते अयोध्या का अपना अंतिम दौरा पूरा करने के बाद 15 जुलाई 2026 तक उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी अंतिम और विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर कई अन्य बड़ी गिरफ्तारियां और प्रशासनिक कार्रवाई तय मानी जा रही हैं।

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