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सत्य लिखने में क्या घबराहट?: कंगना रनौत सांसद: मंडी लोकसभा

गैर-हिंदू श्रद्धालुओं को सनातन धर्म में आस्था रखते हैं.एफिडेविट देने में परेशानी नहीं होनी चाहिए
सभी धर्म हजारों साल पुराने हैं, लेकिन सनातन ही सच्चाई
कंगना रनौत का यह दृष्टिकोण राष्ट्रीय और धार्मिक पहचान की गरिमा के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता
कानपुर:18 मार्च 2026
नयी दिल्ली: 18 मार्च 2026
कंगना रनौत ने सारा अली खान को बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में पूजा करने के लिए हलफनामा देने की मांग पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने कहा, “सत्य लिखने में क्या घबराहट?” यह टिप्पणी उन्होंने उस विवाद के संदर्भ में की है जब बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष, हेमंत द्विवेदी, ने कहा था कि गैर-हिंदू श्रद्धालुओं को अदा करनी होगी कि वे सनातन धर्म में आस्था रखते हैं.
कंगना ने मीडिया से बात करते हुए इस मुद्दे का समर्थन किया और कहा कि हर कोई सनातनी है और उन्हें एफिडेविट देने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि, “जब हमारा जन्म हुआ है, तब से हम सनातन हैं। सभी धर्म हजारों साल पुराने हैं, लेकिन सनातन ही सच्चाई है”.
यह फैसला भारतीय चारधाम यात्रा से पहले लिया गया है, जिसमें अनुशासन बनाए रखने और श्रद्धालुओं से आस्था की पुष्टि करने की आवश्यकता बताई गई है. यदि सारा अली खान अपनी आस्था का हलफनामा प्रस्तुत करती हैं, तो उन्हें मंदिर में दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी.
इस नए नियम के तहत, अन्य गैर-हिंदू श्रद्धालुओं को भी ऐसे हलफनामे की आवश्यकता होगी, जो यह साबित करता है कि वे सनातन धर्म में विश्वास रखते हैं. कंगना ने इस स्थिति को एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा है, जो श्रद्धालुओं की आध्यात्मिकता की पुष्टि करता है. कंगना रनौत का यह दृष्टिकोण राष्ट्रीय और धार्मिक पहचान की गरिमा के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है, जो भारतीयता में चर्चा का विषय है।
कंगना रनौत हिन्दी फिल्मों की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री, फिल्म निर्माता एवं भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वह 2024 में मंडी लोकसभा सीट से सांसद हैं।वे महिला प्रधान फिल्मों में मजबूत इरादों वाली, अपरंपरागत महिलाओं के चित्रण के लिए जानी जाने वाली, वे मुम्बई में रहती हैं। २०१४ में आई फिल्म क्वीन में अपने जबरदस्त अभिनय के कारण कंगना को बॉलीवुड की क्वीन भी कहा जाता है। 2019 के लिए 67 वे फ़िल्म पुरुस्कार हेतु मणिकर्णिका ओर पंगा फ़िल्म के लिए कंगना राणावत को सर्वश्रेस्ठ अभिनेत्री पुरुस्कार दिया गया। इन्हे पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। रनौत ने त्रिभाषी बायोपिक फिल्म तलाइवी में राजनेता जयललिता की भूमिका निभाई।
कंगना रनौत का जन्म हिमाचल प्रदेश के राजपूत परिवार में हुआ। उनकी मां, आशा रनौत एक स्कूल शिक्षक हैं, और उनके पिता, अमरदीप रानौत, एक व्यवसायी हैं। उनकी एक बड़ी बहन रंगोली चंदेल है, जो 2014 में उनके प्रबंधक और एक छोटे भाई, अक्षत है।] उनके परदादा, सरजू सिंह रानौत, विधान सभा के सदस्य थे और उनके दादा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे।
दिल्ली में अस्मिता थिएटर ग्रुप के साथ अपने अभिनय कैरियर की शुरुआत की। कंगना राणावत ने सुप्रसिद्ध रंगमंच निर्देशक अरविन्द गौड़ के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया। कंगना ने अरविन्द की थियेटर कार्यशाला में इंडिया हैबिटेट सेंटर में भाग लिया और कई नाटकों में अभिनय किया। अरविन्द गौड़ के साथ उनका पहला नाटक गिरीश कर्नाड का रक्त् कल्याण था।
सारा अली ख़ान सैफ़ अली ख़ान और अमृता सिंह की पुत्री और एक भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री है, सारा ने २०१८ हिंदी फिल्म केदारनाथ के साथ अपनी फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत की।उन्होंने रणवीर सिंह के विपरीत सिम्बा में भी काम किया।
सारा खान का जन्म 12 अगस्त 1995 को मुंबई(भारत के सबसे बड़े महानगरों में से एक) में हुआ था। सारा ने 2016 में कोलंबिया विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।सारा अली खान अभिनेता सैफ़ अली ख़ान और उनकी पहली पत्नी अमृता सिंह की बेटी हैं। सारा की पहली फिल्म केदारनाथ है, अभिषेक कपूर द्वारा निर्देशित सुशांत सिंह राजपूत के विपरीत, आरएसवीपी फिल्म्स और गाय इन द स्काई पिक्चर्स द्वारा निर्मित और 7 दिसंबर, 2018 को रिलीज होने के लिए तैयार है। उनकी अगली फिल्म सिम्बा रणवीर सिंह के विपरीत है, जिसे धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित रोहित शेट्टी द्वारा निर्देशित किया गया है और 28 दिसंबर, 2018 को रिलीज होने के लिए तैयार है।

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