विधानसभा सत्र केआखिरी दिन श्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया से एक शानदार मुलाकात
मेरा और मेरे परिवार का कुशल क्षेम पूछा
राजा भैया उन में से एक है ,नाम से ही नहीं दिल से भी राजा है
नीलम रोमिला सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट से
कानपुर: 5 अगस्त 2026
Neelam Romila Singh 1 घंटे
Dabdaba · Abhishek Shukla ·
पुरानी कश्ती को पार लेकर ,फ़क़त हमारा हुनर गया है,
नए खिवैये कहीं न समझें , नदी का पानी उतर गया है”

Good morning 

विधानसभा सत्र केआखिरी दिन श्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया से एक शानदार मुलाकात हुई !इतनी व्यस्तता के बाद भी बहुत स्नेह से मिले, मेरा और मेरे परिवार का कुशल क्षेम पूछा
बहुत सम्मान हमेशा की तरह दिए !ये उन दिनों की बात है
मायावती जी की सरकार में भैया कानपुर जेल में बंद थे! उनके और उनके परिवार पर जुल्म की इंतहा हो रही थी, जो लोग उन के संपर्क में होते थे उन पर भी शासन सख्ती करता था !उस समय कुछ लोग ही उनके साथ खड़े थे ,जिस में महिला मैं अकेली थी ,जो बिना डरे उनके और उनके परिवार के साथ उन बुरे दिनों में मजबूती से खड़ी थी ! अच्छे लोग हमेशा यह याद रखते हैं और राजा भैया उन में से एक है ,नाम से ही नहीं दिल से भी राजा है 
नीलम रोमिला सिंह उत्तर प्रदेश की एक प्रमुख समाजवादी नेता और समाजवादी पार्टी (सपा) की वरिष्ठ पदाधिकारी हैं। वह वर्तमान में समाजवादी पार्टी की प्रदेश सचिव के रूप में कार्यरत हैं।
उनकी राजनीतिक यात्रा और प्रमुख पदों की जानकारी नीचे दी गई है:
मुख्य राजनैतिक परिचय और पदगृह जनपद: वह उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से ताल्लुक रखती हैं और वहाँ पार्टी का एक बड़ा चेहरा हैं।
संगठनात्मक पद: अगस्त 2023 में घोषित सपा की प्रांतीय कार्यकारिणी में उन्हें तीसरी बार प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया था।
संवैधानिक पद: वह उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक आयोग की पूर्व सदस्य भी रह चुकी हैं।
पार्टी निष्ठा: वह सन् 1995 से लगातार समाजवादी पार्टी से जुड़ी हुई हैं और जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं (जैसे शिवपाल सिंह यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव) का करीबी माना जाता है।
प्रमुख गतिविधियाँचुनावी सक्रियता: वह आगामी चुनावों (जैसे 2027 विधानसभा चुनाव) के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण और पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशों पर काम कर रही हैं।
मुद्दों पर बेबाकी: अल्पसंख्यक आयोग में रहते हुए और पार्टी प्रवक्ता/नेता के तौर पर वह विपक्षी दलों की नीतियों के खिलाफ और सामाजिक न्याय के समर्थन में लगातार बयान देती रही हैं।










