Home » राजनीत » सोनिया गांधी अध्यक्ष कांग्रेस संसदीय दल ‘वंदे मातरम’ के दौरान असहज और बीच में रोकने का इशारा

सोनिया गांधी अध्यक्ष कांग्रेस संसदीय दल ‘वंदे मातरम’ के दौरान असहज और बीच में रोकने का इशारा

सोनिया गांधी ने का  मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगवाने का इशारा

 पूरा वंदे मातरम गाया गया: कांग्रेस  जोर देकर कहा कि कार्यक्रम में  कोई विवाद नहीं है।
नए कानून के तहत: ‘वंदे मातरम’ (राष्ट्रगीत) को ‘जन गण मन’ (राष्ट्रगान) के समान दर्जा दिया गया
कानपुर:16अगस्त 2026
नई दिल्ली: 16 अगस्त 2026

स्वतंत्रता दिवस 2026 पर कांग्रेस मुख्यालय में हुए ध्वजारोहण समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ के पूरे छह छंदों के गायन को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी गीत के दौरान असहज हो गईं और उन्होंने इसे बीच में ही रोकने का इशारा किया। इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए सफाई दी कि सोनिया गांधी गीत रोकने का नहीं, बल्कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगवाने का इशारा कर रही थीं।
विवाद का मुख्य कारण
कांग्रेस मुख्यालय (इंदिरा भवन) में आम तौर पर वंदे मातरम की शुरुआती कुछ पंक्तियां (दो अंतरे) ही गाई जाती हैं। हालांकि, इस बार गायक दल ने राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण (छह छंद) गाना शुरू कर दिया। वीडियो में दिखा कि जब तीसरा अंतरा शुरू हुआ, तो सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच कुछ बातचीत और इशारे हुए।
इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया और राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई:
दोनों पक्षों के तर्क और आरोप-प्रत्यारोप
पक्षप्रमुख दावे और बयान
 भाजपा (BJP) के आरोप

गीत रोकने का प्रयास: भाजपा नेता अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी वंदे मातरम के पूरे गायन को लेकर असहज थीं और उन्होंने कार्यकर्ताओं को इसे रोकने का संकेत दिया।
सांस्कृतिक चेतना से दूरी: भाजपा ने कहा कि गांधी परिवार हमेशा से भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभाव को लेकर असहज रहा है।
 कांग्रेस की सफाई 
 कुर्सी की व्यवस्था: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी गीत नहीं रुकवा रही थीं, बल्कि काफी देर से खड़े मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं
पूरा गीत गाया गया: कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि कार्यक्रम में पूरा वंदे मातरम गाया गया और इसमें कोई विवाद नहीं है।
नया कानूनी संदर्भ
यह विवाद इसलिए भी अधिक गरमा गया है क्योंकि जुलाई 2026 में ही संसद ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया है।

इस नए कानून के तहत: ‘वंदे मातरम’ (राष्ट्रगीत) को ‘जन गण मन’ (राष्ट्रगान) के समान दर्जा दिया गया है।
राष्ट्रगीत के गायन को जानबूझकर रोकने, बाधित करने या उसमें व्यवधान डालने को एक आपराधिक अपराध माना गया है, जिसके लिए सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
गृह मंत्रालय के नए दिशानिर्देशों के अनुसार महत्वपूर्ण राजकीय और राष्ट्रीय अवसरों पर गीत के सभी छह छंदों को गाया जाना अनिवार्य किया गया है।

Share This

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Recent Post