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कर्नाटक राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर सरकारी परिसरों, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग

आरएसएस बच्चों और युवाओं में विभाजनकारी विचार फैलाने का कार्य कर रही
आरएसएस स्कूलों, पार्कों और मंदिरों में बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित कर रहा
आरएसएस संवैधानिक मूल्यों और धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ
बीजेपी ने इसे वोट बैंक की राजनीति और हिंदू विरोध की कोशिश
आरएसएस ने हमेशा हिंदू समुदाय को एकजुट रखा:बीजेपी सांसद जगदीश शेट्टार
मांग संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक
कानपुर : 15 अक्टूबर 2025
15 अक्टूबर 2025: कर्नाटक में महत्वपूर्ण राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ है जब राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर सरकारी परिसरों, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है.यह पत्र 4 अक्टूबर को लिखा गया था, जिसे अब सीएम मीडिया टीम ने सार्वजनिक किया है। प्रियांक खरगे ने पत्र में लिखा, “जब समाज में नफरत फैलाने वाली विभाजनकारी ताकतें सिर उठाती हैं, तो हमारे संविधान के मूल सिद्धांत (एकता, समानता और अखंडता) हमें उन्हें रोकने का अधिकार देते हैं।”
खड़गे का कहना है कि आरएसएस की गतिविधियाँ बच्चों और युवाओं में विभाजनकारी विचार फैलाने का कार्य कर रही हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता को खतरा है. उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस स्कूलों, पार्कों और मंदिरों में बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित कर रहा है जो संवैधानिक मूल्यों और धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ हैं.
इस पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीजेपी ने इसे वोट बैंक की राजनीति और हिंदू विरोध की कोशिश बताया है. बीजेपी सांसद जगदीश शेट्टार ने कहा कि आरएसएस ने हमेशा हिंदू समुदाय को एकजुट रखा है और कांग्रेस इसकी आलोचना करके केवल अपना प्रचार कर रही है.
इस पूरे मामले में प्रियांक खड़गे ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक है और वे धमकियों से डरने वाले नहीं हैं, वे अपने विचारों को व्यक्त करते रहेंगे.
इस प्रकार, कर्नाटका की राजनीति में यह मुद्दा प्रतीत होता है कि आरएसएस के खिलाफ खड़े होने के पीछे कई प्रकार की रणनीति और विचारधाराएं शामिल हैं, जो आगे चलकर चुनावी समीकरणों पर प्रभाव डाल सकती हैं।

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