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“अल्पसंख्यक का संकल्प—कांग्रेस ही विकल्प”:मुख्य अतिथि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी

संविधान में किसी भी तरह की छेड़छाड़ अल्पसंख्यक समुदायों का सबसे बड़ा नुकसान
समझ नहीं आया कि “सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क”।
आजादी और राष्ट्रगान को लेकर बेतुकी बयानबाजी करने वाले लोगों को जनता सब सिखा रही है
2013 में महंगाई कम करने और महिला सुरक्षा  वादे किए गए थे, जनता  आज भी  याद रखे हुए है.
कानपुर:7 सितम्बर 2026
“अल्पसंख्यक का संकल्प—कांग्रेस ही विकल्प” उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के तत्वावधान में आयोजित एक विशेष सेमिनार का विषय है। 6 सितंबर 2026 को कानपुर के शास्त्री नगर स्थित एस्सेल पैलेस में इस सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और समर्थकों पर निशाना साधते हुए इमरान प्रतापगढ़ी ने कटाक्ष किया कि आजादी और राष्ट्रगान को लेकर बेतुकी बयानबाजी करने वाले लोगों को जनता सब सिखा रही है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में महंगाई दर कम करने और महिला सुरक्षा के जो बड़े-बड़े वादे किए गए थे, देश की जनता उन्हें आज भी अच्छी तरह याद रखे हुए है.
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी थे। इस सम्मेलन के दौरान उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा और कई प्रमुख मुद्दों को उठाया:
संविधान की सुरक्षा: इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि संविधान में किसी भी तरह की छेड़छाड़ का सबसे बड़ा नुकसान अल्पसंख्यक समुदायों को उठाना पड़ेगा, इसलिए उन्होंने सभी अल्पसंख्यकों से एकजुट रहने की अपील की।
छात्रों पर लाठीचार्ज: उन्होंने छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में युवा और छात्र सरकार से एक-एक लाठी का हिसाब लेंगे।
स्थानीय बुनियादी ढांचा: कानपुर की बदहाल सड़कों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि स्टेशन से कार्यक्रम स्थल तक आने में यह समझ नहीं आया कि “सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क”।
व्यापक जन-असंतोष: उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल अल्पसंख्यकों का नहीं है, बल्कि देश के व्यापारी, युवा, दलित और आदिवासी वर्ग भी वर्तमान सरकार की नीतियों (जैसे GST और बेरोजगारी) से परेशान हैं।

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