हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी
जांच के दौरान जुटाए गए पुख्ता साक्ष्यों और लापरवाही के तथ्यों के आधार पर
वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, रामकृष्ण उपाध्याय, तुषांक कृष्ण और स्टूडियो संचालक सुरेश कुमार साहू नामजद
चारों आरोपी फिलहाल पुलिस की हिरासत में
मामले का सह-आरोपी सुरेंद्रदुर्घटना के बाद से ही फरार कोर्ट: अग्रिम जमानत याचिका खारिज है
कानपुर:20 सितम्बर 2026
लखनऊ:20 सितम्बर 2026
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले में पुलिस ने हादसे के 87 दिन बाद कोर्ट में 500 से अधिक पन्नों की चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है. 22 जून 2026 को अलीगंज के सेक्टर-डी में हुए इस भीषण हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी. पुलिस ने यह कार्रवाई जांच के दौरान जुटाए गए पुख्ता साक्ष्यों और लापरवाही के तथ्यों के आधार पर की है.
इस मामले से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
चार आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र: पुलिस ने भवन स्वामी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, रामकृष्ण उपाध्याय, तुषांक कृष्ण जायसवाल और स्टूडियो संचालक सुरेश कुमार साहू को नामजद करते हुए चार्जशीट दाखिल की है. यह चारों आरोपी फिलहाल पुलिस की हिरासत में हैं.
एक आरोपी अब भी फरार: मामले का सह-आरोपी सुरेंद्र (सुरेंद्र प्रसाद शुक्ला) दुर्घटना के बाद से ही फरार चल रहा है. कोर्ट द्वारा उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है और पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है.
सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी: पुलिस जांच और गठित की गई विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में फायर सेफ्टी (अग्निशमन सुरक्षा) के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और नियमों की गंभीर रूप से अनदेखी की गई थी.
विभागीय लापरवाही पर भी कार्रवाई: इस हादसे के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने 25 जुलाई को इस अवैध इमारत को ध्वस्त कर दिया था. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस इस मामले में एलडीए (LDA), नगर निगम और दमकल विभाग के संबंधित अधिकारियों की भूमिका और लापरवाही की भी जांच कर रही है










