श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 3 की सघन समीक्षा: श्रीमती पद्मा शुक्ला
निष्काम भाव से अपने कर्तव्यों का पालन करो, सबसे महत्वपूर्ण — काम-वासना को जीतकर करो कर्म का अनिवार्य स्वरूप कर्म त्याग नहीं, कर्म में योग कर्तव्य पालन का महत्व यज्ञभाव से कर्म सृष्टि चक्र का नियम श्रेष्ठ पुरुष का आदर्श भगवान का उदाहरण अहंकार का त्याग कानपुर:06 मार्च 2026 अम्मा जी श्रीमती पद्मा शुक्ला (02…