अतिथिदेवो भव:दुनिया के दस देश
पिता, आचार्य (गुरु) और अतिथि को देवता के समान मानना चाहिए अतिथि के सत्कार और आदर को सर्वोच्च सम्मान भारत की मेहमाननवाज़ी दिल छू लेने वाली दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहाँ भारतीयों का खुले दिल से स्वागत होता है तैत्तिरीयोपनिषद के शिक्षावल्ली अध्याय 11.2 से ली गयी सूक्ति भारतीयों का खुले दिल से स्वागत…