मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ
वह 20 अगस्त 2026 को होने वाली सुनवाई को टाल दे और इस मामले में आगे की कार्यवाही रोक दे
राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में हाई कोर्ट के समक्ष कोई भी जांच रिपोर्ट दाखिल न करें
कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की याचिका से जुड़ा
कानपुर:16अगस्त 2026
नई दिल्ली: 16 अगस्त 2026
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही आय से अधिक संपत्ति मामले की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले में निम्नलिखित प्रमुख निर्देश जारी किए हैं:
हाई कोर्ट की कार्यवाही स्थगित: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह 20 अगस्त 2026 को होने वाली अपनी अगली सुनवाई को टाल दे और इस मामले में आगे की कार्यवाही रोक दे।
जांच एजेंसियों पर रोक: कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सख्त निर्देश दिया है कि वे राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में हाई कोर्ट के समक्ष कोई भी जांच रिपोर्ट दाखिल न करें।
नोटिस जारी: सुप्रीम कोर्ट ने मूल शिकायतकर्ता (कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर), CBI और ED को नोटिस जारी कर इस मामले पर जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां
प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन: CJI सूर्यकांत ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हाई कोर्ट ने राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना सीधे उनके खिलाफ जांच के निर्देश कैसे दे दिए। कोर्ट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ निर्देश पारित करने से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत (Principles of Natural Justice) का पालन होना चाहिए।
एजेंसियों के अधिकार: सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि यदि किसी जांच एजेंसी के पास आय से अधिक संपत्ति के पुख्ता सबूत होते हैं, तो वे अपनी स्वतंत्र शक्तियों के तहत स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकती हैं, इसके लिए अदालत के विशेष आदेश की आवश्यकता नहीं होती। []
क्या है पूरा मामला?
यह मामला कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की याचिका से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के खर्च और विदेश यात्राएं उनकी घोषित आय (चुनावी हलफनामे के मुताबिक) से कहीं अधिक हैं। इसी याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मई में CBI और ED को आरोपों की जांच करने और पिछले महीने एक नया प्रगति हलफनामा दायर करने का आदेश दिया था, जिसे राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है










