मलबे की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय निवासी तुरंत मदद के लिए दौड़े
सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड (दमकल विभाग) की टीम मौके पर पहुंची
मलबे को हटाकर फंसे हुए सभी चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
कानपुर: 1 अगस्त 2026
कानपुर के सीसामऊ थाना क्षेत्र के घनी आबादी वाले इलाके चंद्रनगर में शुक्रवार (31 जुलाई 2026) शाम एक जर्जर मकान की छत भरभराकर ढह गई। इस हादसे में दो किशोरियों समेत कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से रेस्क्यू कर इलाज के लिए हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तंग गली और घनी आबादी: हादसा चंद्रनगर की एक बेहद तंग गली में स्थित मकान में हुआ। संकरा रास्ता होने के कारण शुरुआत में बचाव दल को वहां पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन: मलबे की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय निवासी तुरंत मदद के लिए दौड़े। इसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड (दमकल विभाग) की टीम मौके पर पहुंची और मलबे को हटाकर फंसे हुए सभी चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों की स्थिति: मलबे से निकाले गए चारों घायलों (जिनमें दो किशोरियां शामिल हैं) को तुरंत एम्बुलेंस से हैलट अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। कानपुर नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा लगातार शहर की पुरानी व जर्जर इमारतों को चिह्नित कर उनके स्वामियों को नोटिस जारी किए जाते हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
हादसे और रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े मुख्य विवरण नीचे दिए गए हैं:
घटना और रेस्क्यू का विवरण
मानसून में जर्जर इमारतों का बढ़ता खतरा
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) दीपक शर्मा के मुताबिक, मानसून के सीजन में लगातार हो रही बारिश के कारण पुरानी और कमजोर दीवारें नमी सोख लेती हैं, जिससे ऐसी जर्जर संरचनाओं के ढहने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
कानपुर के सीसामऊ थाना क्षेत्र के घनी आबादी वाले इलाके चंद्रनगर में शुक्रवार (31 जुलाई 2026) शाम एक जर्जर मकान की छत भरभराकर ढह गई। इस हादसे में दो किशोरियों समेत कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से रेस्क्यू कर इलाज के लिए हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तंग गली और घनी आबादी: हादसा चंद्रनगर की एक बेहद तंग गली में स्थित मकान में हुआ। संकरा रास्ता होने के कारण शुरुआत में बचाव दल को वहां पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन: मलबे की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय निवासी तुरंत मदद के लिए दौड़े। इसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड (दमकल विभाग) की टीम मौके पर पहुंची और मलबे को हटाकर फंसे हुए सभी चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों की स्थिति: मलबे से निकाले गए चारों घायलों (जिनमें दो किशोरियां शामिल हैं) को तुरंत एम्बुलेंस से हैलट अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। कानपुर नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा लगातार शहर की पुरानी व जर्जर इमारतों को चिह्नित कर उनके स्वामियों को नोटिस जारी किए जाते हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
हादसे और रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े मुख्य विवरण नीचे दिए गए हैं:
घटना और रेस्क्यू का विवरण
मानसून में जर्जर इमारतों का बढ़ता खतरा
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) दीपक शर्मा के मुताबिक, मानसून के सीजन में लगातार हो रही बारिश के कारण पुरानी और कमजोर दीवारें नमी सोख लेती हैं, जिससे ऐसी जर्जर संरचनाओं के ढहने का खतरा काफी बढ़ जाता है।










