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कानपुर: चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड: बड़ा मोड़: कोर्ट ने उनकी बहू शालू मिनोचा को पूरी तरह से निर्दोष मानते हुए तत्काल रिहा करने का दिया आदेश

पुलिस को शालू के खिलाफ कोई भी स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिला
शालू को  बिना किसी सबूत के 21 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था
जांच में सामने आया कि हत्या की  साजिश विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत मिनोचा ने रची
कानपुर:29 सितम्बर 2026
कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में एक बड़ा मोड़ आया है, जहां कोर्ट ने उनकी बहू शालू मिनोचा को पूरी तरह से निर्दोष मानते हुए तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। शालू को इस मामले में बिना किसी सबूत के 21 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था। जेल से बाहर आने के बाद शालू ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वह समझ नहीं पा रही हैं कि आखिर उनके ससुर (पापा) को क्यों मारा गया और उन्हें इस मामले में क्यों फंसाया गया।
 मामले का पूरा घटनाक्रम और पुलिस का यू-टर्न वारदात: 5 सितंबर 2026 को कल्याणपुर के इंदिरा नगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
शुरुआती गिरफ्तारी: पुलिस ने विनीत के पुराने नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया। नौकर विशाल ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने के लिए बहू शालू का नाम लिया, जिसके आधार पर पुलिस ने शालू को मुख्य आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था।
असली मास्टरमाइंड: पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान जब गहराई से जांच की गई, तो पूरी कहानी पलट गई। जांच में सामने आया कि हत्या की असली साजिश विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत मिनोचा ने रची थी।
बेटे सुब्रत ने क्यों रची साजिश?
पुलिस जांच के अनुसार, सुब्रत अपने पिता के निजी जीवन और खर्चों पर पाबंदियों से परेशान था। सुब्रत पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था और उसे डर था कि उसके पिता किसी अन्य महिला से शादी कर उसे संपत्ति से बेदखल कर देंगे। इसी कारण उसने नौकर विशाल को 6 लाख रुपये की सुपारी दी थी। सुब्रत ने ही विशाल को योजना के तहत यह सिखाया था कि यदि वह पकड़ा जाए, तो अपनी पत्नी शालू का नाम ले ले ताकि पूरी जायदाद सुब्रत को मिल जाए और वह खुद साफ बच निकले।
 कोर्ट का फैसला
पुलिस को शालू के खिलाफ कोई भी स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस ने कोर्ट में शालू के पक्ष में क्लोजर रिपोर्ट (Closure Report) दाखिल की। अदालत ने पुलिस की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए शालू की न्यायिक अभिरक्षा को खत्म कर दिया और उन्हें 50,000 रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर तुरंत रिहा करने का आदेश दिया। वर्तमान में इस मामले का मुख्य सूत्रधार सुब्रत मिनोचा और हत्या करने वाले दोनों आरोपी जेल में बंद हैं।

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