Home » राजनीत » जॉर्जिया मेलोनी: इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री: फोर्ब्स’: दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर महिला

जॉर्जिया मेलोनी: इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री: फोर्ब्स’: दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर महिला

इटली ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार एक धुर दक्षिणपंथी सरकार का उदय
22 अक्टूबर 2022 को इटली की प्रधानमंत्री
इतिहास में बेनिटो मुसोलिनी के बाद लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री  का रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर
रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन का खुलकर समर्थन
कानपुर: 1 सितम्बर 2026
रोम:1 सितम्बर 2026
जॉर्जिया मेलोनी इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने अक्टूबर 2022 में कार्यभार संभाला था। वह अपने तेज़-तर्रार, राष्ट्रवादी और करिश्माई व्यक्तित्व के लिए जानी जाती हैं। उनके नेतृत्व में इटली ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार एक धुर दक्षिणपंथी सरकार का उदय देखा है।
जॉर्जिया मेलोनी और उनके राजनीतिक सफर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ नीचे दी गई हैं:
राजनीतिक करियर और उपलब्धियाँप्रधानमंत्री पद (2022–वर्तमान): वह 22 अक्टूबर 2022 को इटली की प्रधानमंत्री बनीं। वह देश के आधुनिक राजनीतिक इतिहास में बेनिटो मुसोलिनी के बाद सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने वाली प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर हैं।
पार्टी की कमान: मेलोनी दक्षिणपंथी से अति-दक्षिणपंथी राजनीतिक दल ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ (Brothers of Italy – FdI) की अध्यक्ष हैं, जिसकी स्थापना उन्होंने साल 2012 में की थी।
ऐतिहासिक चुनावी जीत: साल 2013 के चुनावों में उनकी पार्टी को महज 2% वोट मिले थे। हालांकि, उनके नेतृत्व में पार्टी ने जबरदस्त वापसी की और 2022 के आम चुनावों में 26% वोट हासिल कर सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में उभरी।
सबसे युवा मंत्री: प्रधानमंत्री बनने से पहले, साल 2008 में सिल्वियो बर्लुस्कोनी की सरकार में वे महज 31 वर्ष की उम्र में इटली के इतिहास की सबसे युवा मंत्री (युवा मंत्रालय) बनी थीं।
मुख्य राजनीतिक नीतियां और विचारधाराराष्ट्रवाद और लोकलुभावन एजेंडा: मेलोनी की सरकार “इटलीवासियों को प्राथमिकता” देने की नीति पर काम करती है। उनका एजेंडा कड़े आप्रवासन  विरोध और पारंपरिक रूढ़िवादी पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
व्यावहारिक वैश्विक रुख: विपक्ष में रहते हुए यूरोपीय संघ (EU) और यूरो मुद्रा के प्रति संशयवादी रुख रखने वाली मेलोनी ने सत्ता में आने के बाद अधिक व्यावहारिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन का खुलकर समर्थन किया है।
वैश्विक प्रभाव: साल 2024 में ‘फोर्ब्स’  ने उन्हें दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर महिला घोषित किया था।
 भारत के साथ संबंध
वैश्विक मंचों पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकातें और तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रहती हैं। इंटरनेट पर उनके प्रशंसक इस मित्रता को #Melodi हैशटैग के साथ ट्रेंड कराते हैं। वह 2023 में रायसीना डायलॉग और G20 शिखर सम्मेलन के लिए दो बार भारत का दौरा भी कर चुकी हैं।

Share This

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Recent Post