छात्र आंदोलन को एक बड़ी सफलता मिली
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई आपातकालीन कैबिनेट बैठक
जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खैंगटे सहित कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार
कानपुर:18अगस्त 2026
झारखंड:18अगस्त 2026
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को एक बड़ी सफलता मिली है। 16 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 17 अगस्त 2026 की आधी रात को अपना अनशन समाप्त कर दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई आपातकालीन कैबिनेट बैठक में छात्रों की मांगों को स्वीकार करते हुए कई बड़े फैसले लिए गए।
इस आंदोलन और सरकार के ऐतिहासिक फैसले के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को एक बड़ी सफलता मिली है। 16 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 17 अगस्त 2026 की आधी रात को अपना अनशन समाप्त कर दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई आपातकालीन कैबिनेट बैठक में छात्रों की मांगों को स्वीकार करते हुए कई बड़े फैसले लिए गए।
इस आंदोलन और सरकार के ऐतिहासिक फैसले के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
भर्ती परीक्षाएं और चयन रद्द: झारखंड सरकार ने विवादित JSSC-CGL (संयुक्त स्नातक स्तरीय) परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया है। इसके साथ ही, ब्लैकलिस्टेड निजी एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा वर्ष 2014 से अब तक आयोजित की गई सभी परीक्षाओं, उनके परिणामों और चयनों को भी निरस्त कर दिया गया है।
जूस पीकर तोड़ा अनशन: रांची के सदर अस्पताल में भर्ती देवेंद्र महतो ने राज्य सरकार की मंत्रियों दीपिका पांडेय सिंह और इरफान अंसारी की मौजूदगी में जूस पीकर अपनी भूख हड़ताल खत्म की। उन्होंने इसे “झारखंड के युवाओं की बड़ी जीत” बताया।
CID जांच के आदेश: मुख्यमंत्री ने राज्य में 2014 के बाद से हुई सभी संदिग्ध नियुक्तियों और परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच सीआईडी (CID) को सौंप दी है। इस मामले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खैंगटे सहित कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
परीक्षा सुधार समिति का गठन: भविष्य में पारदर्शी, निष्पक्ष और पेपर-लीक मुक्त परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय ‘परीक्षा सुधार समिति’ बनाई गई है।
आगे की मांगें: अनशन खत्म करने के बावजूद छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच नहीं कराई जाती और सुरक्षा के कड़े कानूनी उपाय लागू नहीं होते, तब तक वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं होंगे ।









