कॉल सेंटर के तार और किन-किन साइबर ठगी के मामलों से जुड़े हैं
ग्राहकों का गोपनीय डेटा कहां-कहां बेचा गया है।
गिरोह एक्सिस बैंक के फर्जी विजिटिंग और आईडी कार्ड का इस्तेमाल करता था
ग्राहकों को बैंक कर्मचारी बता क्रेडिट कार्ड के नाम पर संवेदनशील वित्तीय जानकारी और पैसे ऐंठते थे।
सेंटर संचालिका सलोनी मित्तल 47 समेत सभी 83 को हिरासत में ले राजस्थान के कामां थाने लाया गया
कानपुर:31 अगस्त 2026
नई दिल्ली: 31 अगस्त 2026
राजस्थान पुलिस की डीग (भरतपुर) जिला टीम ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से उत्तम नगर इलाके में चल रहे एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में आपके बताए गए विवरणों में थोड़ा संशोधन है; असल में पुलिस ने 43 युवतियों सहित कुल 83 लोगों को हिरासत में लिया है और यह गिरोह नौकरी का झांसा नहीं, बल्कि एक्सिस बैंक के नाम पर फर्जी क्रेडिट कार्ड दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहा था।
इस छापेमारी और मामले से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
मामले का मुख्य विवरणठगी का तरीका: यह गिरोह एक्सिस बैंक के फर्जी विजिटिंग और आईडी कार्ड का इस्तेमाल करता था। ये लोग ग्राहकों को प्राइवेट बैंक का कर्मचारी बताकर क्रेडिट कार्ड जारी कराने के नाम पर संवेदनशील वित्तीय जानकारी और पैसे ऐंठते थे।
कैसे हुआ खुलासा: एक्सिस बैंक की डीग शाखा के प्रबंधक ने डीग के साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि कोई उनके बैंक के नाम पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों को ठग रहा है।
मुख्य गिरफ्तारी: जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले आजमगढ़ के रहने वाले आकाश राठौर नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया। आकाश से पूछताछ के बाद ही दिल्ली के इस तीन मंजिला इमारत में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का सुराग मिला।
छापेमारी की कार्रवाई: राजस्थान पुलिस (डीग जिला पुलिस) के उप-पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र पाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम बसों में सवार होकर दिल्ली पहुंची। द्वारका साइबर पुलिस और उत्तम नगर थाना पुलिस की मदद से ‘आनंद एंटरप्राइजेस’ नाम के दफ्तर पर शनिवार (29 अगस्त 2026) रात को यह बड़ी कार्रवाई की गई।
बरामदगी और जांच: मौके से भारी मात्रा में फर्जी बैंक दस्तावेज, कॉलिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं। कॉल सेंटर की संचालिका सलोनी मित्तल (47) समेत सभी 83 लोगों को हिरासत में लेकर राजस्थान के कामां थाने लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस कॉल सेंटर के तार और किन-किन साइबर ठगी के मामलों से जुड़े हैं और ग्राहकों का गोपनीय डेटा कहां-कहां बेचा गया है।









